सीजी भास्कर, 16 जुलाई : भिलाई नगर निगम क्षेत्र में लंबित नियमितीकरण प्रकरणों (Bhilai Regularization) का मामला गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गूंजा। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने निगम में वर्षों से लंबित नियमितीकरण आवेदनों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से लंबित प्रकरणों की संख्या, देरी के कारण और प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा को लेकर जवाब मांगा। इस पर सरकार ने स्वीकार किया कि निगम में 2,878 नियमितीकरण प्रकरण अभी भी प्रक्रियाधीन हैं।
विधानसभा में सरकार से पूछा सवाल
मानसून सत्र के चौथे दिन विधायक रिकेश सेन ने सरकार से पूछा कि पिछले तीन वर्षों में भिलाई नगर निगम में नियमितीकरण के कितने आवेदन लंबित हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि बड़ी संख्या में फाइलों पर अंतिम निर्णय क्यों नहीं हो पा रहा है। साथ ही यह सवाल भी उठाया कि नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी है या उसे स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने सरकार से इन प्रकरणों के निराकरण के लिए निश्चित समय-सीमा तय करने की भी मांग की।
सरकार ने बताई देरी की वजह
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में लिखित जवाब देते हुए बताया कि भिलाई नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 2,878 नियमितीकरण प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों में अभिलेखों की जांच, आवश्यक दस्तावेजों की कमी तथा कई मामलों में स्थल निरीक्षण लंबित होने के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। इन्हीं कारणों से अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
नियमितीकरण प्रक्रिया बंद नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह जारी है और इसे किसी भी स्तर पर स्थगित नहीं किया गया है। सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण प्रचलित कानून और नियमों के अनुसार किया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा कि नियमितीकरण के लिए अलग से कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
समय-सीमा तय करने की मांग
विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बाद नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हजारों आवेदकों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से लंबित प्रकरणों के कारण कई लोग अपने भवनों और संपत्तियों से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना कर रहे हैं। विधायक रिकेश सेन ने सरकार से प्रक्रिया में तेजी लाकर लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने की मांग की।
सरकार का कहना है कि सभी मामलों की जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और पात्र आवेदकों के प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है।



