सीजी भास्कर, 16 जुलाई : गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर के प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी से जुड़ी दो गंभीर शिकायतों की जांच (Education Department Inquiry) पूरी होने के बाद भी अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। एक मामले में केंद्रीयकृत 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा के नॉमिनल रोल के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में दिवंगत शिक्षक की पत्नी से पेंशन प्रकरण के निराकरण के लिए कथित रूप से ₹50 हजार की मांग करने की शिकायत की गई है।
चार सदस्यीय समिति ने की जांच
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गरियाबंद के पत्र क्रमांक 2346/जि.शि.अ./सतर्कता/जांच/2026, दिनांक 05 मई 2026 के आधार पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति का नेतृत्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी गरियाबंद गजेंद्र ध्रुव ने किया। समिति में किरण साहू, वंदना अग्रवाल और हरिकृष्ण भार्गव सदस्य के रूप में शामिल थे। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद समिति ने 16 जून 2026 को जांच पूरी कर ली थी।
नॉमिनल रोल के नाम पर वसूली का आरोप
पहली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि केंद्रीयकृत 5वीं एवं 8वीं बोर्ड परीक्षा के नॉमिनल रोल तैयार करने के नाम पर संकुल समन्वयकों के माध्यम से प्रत्येक विद्यालय से ₹150 से ₹300 तक की कथित अवैध वसूली की गई।
पेंशन प्रकरण में ₹50 हजार मांगने का आरोप
दूसरी शिकायत दिवंगत शिक्षक परमानंद ध्रुव के पेंशन प्रकरण से जुड़ी है। आरोप है कि उनकी पत्नी संतोषी ध्रुव से पेंशन संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए ₹50,000 की कथित मांग की गई थी। इस शिकायत की भी जांच उसी समिति द्वारा की गई।
जांच पूरी, लेकिन कार्रवाई का इंतजार
जांच पूरी हुए एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद विभाग की ओर से न तो जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक किया गया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी गई है। इससे शिक्षक समुदाय और आम नागरिकों के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि जांच का निष्कर्ष क्या रहा और शिकायतों पर क्या निर्णय लिया गया।
पारदर्शिता की मांग
दोनों मामलों से जुड़े पक्षों ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या दोष सिद्ध हुआ हो तो नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय होगी और आमजन का विश्वास भी मजबूत होगा।



