रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 18 जुलाई। गरियाबंद में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर (Temple Donation) चल रही चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए कई सवाल उठाए। पत्रकार वार्ता में मौजूद लोगों के बीच पूरे मामले को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग प्रमुख रूप से सुनाई दी।
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामला केवल आर्थिक लेनदेन का नहीं है, बल्कि उन लोगों के विश्वास से भी जुड़ा है जिन्होंने श्रद्धा के साथ मंदिर निर्माण और चढ़ावे में योगदान दिया। इसी आधार पर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई गई।

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स्मृति ठाकुर ने उठाए जवाबदेही के सवाल Temple Donation
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त प्रभारी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनका कहना था कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग दिया था। ऐसे में यदि चढ़ावे और चंदे को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
स्मृति ठाकुर ने मांग की कि पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही राम मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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पत्रकार वार्ता में पूछे तीन प्रमुख सवाल Temple Donation
पत्रकार वार्ता के दौरान स्मृति ठाकुर ने तीन सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन लेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी थीं तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों की वजह क्या रही। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है।
आस्था से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस का बयान
स्मृति ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं। उनका कहना था कि यदि उनके नाम पर जुटाए गए धन में किसी प्रकार की कथित अनियमितता हुई है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
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कई कांग्रेस पदाधिकारी रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा सहित महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मंज धूरू, रमेश शर्मा, माहेश्वरी शाह, छगन यादव, अवधेश प्रधान, अमित मीरी, श्रद्धा राजपूत, चमन साहू, सुरेखा नागेश, खिलेश्वरी ध्रुव, राजकुमारी सोनी, दीप्ति यादव, मंजू देवांगन, यामीन खान, संदीप सरकार, अवधराम यादव, मुकुंद कुकरेजा, योगेश बघेल, परमजीत कौर समेत कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



