सीजी भास्कर, 22 जुलाई 2026 : खरीफ सीजन 2026 में डीएपी (Fertilizer Black Marketing) की राष्ट्रीय स्तर पर सीमित उपलब्धता के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध डीएपी
कृषि विभाग (Fertilizer Black Marketing) के अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रदेश में डीएपी का लक्ष्य 3 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। 21 जुलाई 2026 तक राज्य में 1 लाख 84 हजार 413 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण किया जा चुका है। इसमें से किसानों को 1 लाख 26 हजार 360 मीट्रिक टन डीएपी का वितरण किया गया है। वर्तमान में समितियों और गोदामों में 58 हजार 054 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले खरीफ सीजन की तुलना में इस बार उपलब्धता बेहतर है।
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एनपीके और संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर जोर
कृषि विभाग (Fertilizer Black Marketing) किसानों को डीएपी के साथ एनपीके और अन्य संतुलित उर्वरकों के उपयोग के लिए भी जागरूक कर रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग से फसलों की पोषण जरूरतें पूरी होंगी और डीएपी पर निर्भरता कम होगी। अधिकारियों के मुताबिक देश में डीएपी का करीब 70 से 80 प्रतिशत और एनपीके का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरकों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ा है।
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कालाबाजारी पर कार्रवाई, हजारों दुकानों की जांच
कृषि विभाग (Fertilizer Black Marketing) ने स्पष्ट किया है कि किसानों से निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक प्रदेश में 4,878 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। जांच के दौरान 625 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, 183 केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंध लगाया गया और 98 केंद्रों से उर्वरक जब्त किए गए। इसके अलावा 97 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित, 11 लाइसेंस निरस्त और 56 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं 7 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
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बारिश प्रभावित किसानों पर भी नजर Fertilizer Black Marketing
भारी बारिश से जिन क्षेत्रों में बोनी प्रभावित हुई है या किसानों को दोबारा बुआई करनी पड़ रही है, वहां जिला प्रशासन और कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित किसानों को बीज, उर्वरक और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो।
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किसानों से अधिकृत केंद्रों से खरीद की अपील
राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे खाद-बीज केवल अधिकृत विक्रेताओं और सहकारी समितियों से ही निर्धारित मूल्य पर खरीदें। किसी भी स्थान पर अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या अनियमितता की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग या जिला प्रशासन को सूचना देने कहा गया है।
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