सीजी भास्कर, 30 जुलाई। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर फरसियां स्थित सर्व धर्म तीर्थस्थल महामाई धाम श्रद्धा और भक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर (Mahanadi Aarti) आया। संध्या होते ही महानदी उद्गम कुंड पर दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बना कि दूर दूर से पहुंचे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
महानदी मैया की आरती में साधु संत, गायत्री परिवार के सदस्य, ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान नदी संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से दिया गया और उपस्थित लोगों ने महानदी की स्वच्छता तथा संरक्षण का संकल्प लिया।

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प्रत्येक पूर्णिमा को होती है महानदी आरती Mahanadi Aarti
महामाई धाम फरसियां में हर पूर्णिमा की तरह इस बार भी महानदी उद्गम कुंड में भव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा पीठ फरसियां के गायत्री परिवार के सदस्यों ने वैदिक विधि विधान के साथ किया। श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन के बाद महानदी मैया की आरती में भाग लिया।
तेरह वर्षों से जारी है अनूठी परंपरा
महानदी आरती समिति के कैलाश सोन ने बताया कि महामाई धाम परिसर में पिछले 13 वर्षों से प्रत्येक पूर्णिमा को महानदी महाआरती आयोजित की जा रही है। इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि महानदी के संरक्षण, संवर्धन और जनजागरूकता को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने बताया कि मां अभियान के माध्यम से नदी संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण बचाने और जल स्रोतों के महत्व को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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जनभागीदारी से मजबूत हो रहा संरक्षण अभियान
महामाई समिति के अध्यक्ष शिवदयाल साहू ने कहा कि महानदी जैसी जीवनदायिनी नदी के संरक्षण के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी (Mahanadi Aarti) जरूरी है। फरसियां में किया जा रहा यह प्रयास धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रेरणादायी उदाहरण बन चुका है। जिला कलेक्टर ने भी प्रत्येक माह आयोजित होने वाली महानदी आरती की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण की उत्कृष्ट पहल बताया है।
सोलह पाली के ग्रामीण बड़ी संख्या में होते हैं शामिल
16 पाली सेवा समिति के सचिव नीरज सोन ने बताया कि महानदी उद्गम स्थल पर प्रत्येक पूर्णिमा को नियमित रूप से महानदी आरती आयोजित होती है। इसमें 16 पाली क्षेत्र के ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर नदी संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेते हैं।
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धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
महामाई धाम फरसियां आज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि महानदी संरक्षण का जनआंदोलन बन चुका है। यहां समय समय पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता कार्यक्रम और नदी संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित (Mahanadi Aarti) की जाती हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए महानदी की अविरलता और निर्मलता सुरक्षित रखी जा सके। गुरु पूर्णिमा पर आयोजित महानदी आरती के समापन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। सभी ने महानदी मैया से क्षेत्र की सुख समृद्धि और नदी संरक्षण के लिए प्रार्थना की।
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रिपोर्टर – रिजवान मेमन



