सीजी भास्कर, 06 अगस्त : भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में कथित स्क्रैप और लोहा चोरी (BSP Iron Theft Case) के बहुचर्चित मामले में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद अब SAIL कॉर्पोरेट विजिलेंस हरकत में आ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए पत्र के बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के निगमित सतर्कता विभाग ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विधायक से विस्तृत साक्ष्य, दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों के नाम मांगे हैं।
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विधायक रिकेश सेन को SAIL विजिलेंस का आधिकारिक पत्र
SAIL के मुख्य महाप्रबंधक (सतर्कता) सत्यव्रत कर ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को पत्र जारी कर आरोपों के समर्थन में उपलब्ध अतिरिक्त दस्तावेज, आधिकारिक रिकॉर्ड, पत्राचार, फोटो, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कथित रूप से शामिल अधिकारियों व अन्य व्यक्तियों की जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। विभाग का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और प्रभावी जांच की जाएगी।
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राष्ट्रपति को लिखे पत्र में लगाए थे गंभीर आरोप
विधायक रिकेश सेन ने 20 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में आरोप लगाया था कि पिछले करीब 40 वर्षों से बीएसपी में कथित सांठगांठ के जरिए शुद्ध इस्पात और स्क्रैप की अवैध निकासी हो रही है। उन्होंने दावा किया था कि इससे संयंत्र को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच ब्लास्ट फर्नेस नंबर-2, ब्लास्ट फर्नेस नंबर-3, ब्लूमिंग एंड बिलेट मिल (BBM), एसएमएस-2 और कोक ओवन की गेंट्री क्रेन नंबर-2 को स्क्रैप के रूप में बेचने से लगभग 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में तेजी आने की उम्मीद
हाल ही में बीएसपी से करीब 3.50 करोड़ रुपये के अवैध स्क्रैप की बरामदगी और इस मामले में सीआईएसएफ व बीएसपी के कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला पहले से ही चर्चा में है। अब राष्ट्रपति को भेजी गई शिकायत के बाद SAIL कॉर्पोरेट विजिलेंस द्वारा सीधे साक्ष्य मांगे जाने से माना जा रहा है कि मामले की जांच और तेज हो सकती है। फिलहाल विजिलेंस विभाग आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों और साक्ष्यों का इंतजार कर रहा है।
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