सीजी भास्कर, 19 अगस्त। तखतपुर क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला (Mutation Case) सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तखतपुर के स्थगन आदेश के बावजूद ग्राम पंचायत मेंड्रा के खसरा नंबर 154/1 में नामांतरण किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि संबंधित जमीन की खरीदी-बिक्री, निर्माण और नामांतरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई थी।
इसके बावजूद सकरी तहसीलदार द्वारा इसी खसरे में नामांतरण आदेश पारित किए जाने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है और आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थगन के बावजूद कैसे हुआ नामांतरण? Mutation Case
जानकारी के मुताबिक अवैध प्लाटिंग कर जमीन बिक्री की शिकायत के बाद एसडीएम तखतपुर ने खसरा नंबर 154/1 के संबंध में स्थगन आदेश जारी किया था। आदेश में जमीन की खरीदी-बिक्री, निर्माण कार्य और नामांतरण पर आगामी आदेश तक रोक लगाई गई थी।
ऐसे में उसी जमीन पर नामांतरण आदेश पारित होने को लेकर सवाल उठ रहा है कि जब सक्षम अधिकारी का आदेश प्रभावी था, तो उसके रहते राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण की कार्रवाई किस आधार पर की गई।

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पटवारी प्रतिवेदन में भी दर्ज था स्थगन
मामले में संबंधित हल्का पटवारी की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में भी भूमि पर स्थगन आदेश का उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है।
यानी राजस्व अमले के स्तर पर स्थगन आदेश की जानकारी मौजूद होने के बावजूद नामांतरण की कार्रवाई किए जाने का आरोप है। अब यह जांच का विषय है कि नामांतरण आदेश किन परिस्थितियों में जारी हुआ और इसमें किस स्तर पर प्रक्रिया का पालन किया गया।
विवाद बढ़ा तो प्रकरण फिर अवलोकन में
नामांतरण आदेश को लेकर मामला सामने आने के बाद प्रकरण को दोबारा अवलोकन में लिए जाने की बात (Mutation Case) कही जा रही है। इस घटनाक्रम ने राजस्व अधिकारियों के आदेशों के पालन और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले से जुड़े लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि नामांतरण आदेश किन परिस्थितियों में जारी किया गया, इसका वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
तहसीलदार का पक्ष नहीं आया सामने Mutation Case
मामले को लेकर सकरी तहसीलदार राहुल शर्मा का पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके चलते खबर प्रकाशित किए जाने तक उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है।
तहसीलदार का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
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तहसीलदार की आईडी के इस्तेमाल पर भी सवाल
सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि तहसीलदार की आईडी का इस्तेमाल निचले स्तर की एक महिला कर्मचारी द्वारा किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अगर किसी अधीनस्थ कर्मचारी को अधिकारी की आईडी इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी, तो उसकी निगरानी और जिम्मेदारी किसकी थी, यह भी जांच का अहम बिंदु हो सकता है। इस संबंध में संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
एसडीएम ने कहा, जांच के बाद होगी कार्रवाई
तखतपुर एसडीएम नितिन तिवारी ने कहा कि यदि स्थगन आदेश प्रभावी होने के बाद भी नामांतरण किया गया है तो यह नियम (Mutation Case) विरुद्ध है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही है।
एसडीएम के मुताबिक जांच में यदि नामांतरण की कार्रवाई गलत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ राजस्व अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि Mutation Case में नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
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