सीजी भास्कर, 26 अगस्त। नगर में चल रहे जैन समाज के पावन चातुर्मास के दौरान धर्म, तप, त्याग और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने (Jain Chaturmas) को मिला। धरमचंद बाफना परिवार के तीन तपस्वियों—संतोष बाफना, शिखा बाफना और रौनक बाफना – की कठिन तप-साधना के अनुमोदनार्थ भव्य वरघोड़ा और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजजन और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे गणमान्य नागरिक शामिल हुए। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल नजर आया।

संतोष बाफना ने पूर्ण की 30 दिनों की मासखमण तपस्या Jain Chaturmas
विशेष रूप से संतोष बाफना ने 30 दिनों की कठिन मासखमण तपस्या पूर्ण कर संयम, आत्मसाधना और धर्मनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। वहीं शिखा बाफना और रौनक बाफना ने भी कठिन तपस्या कर परिवार और जैन समाज को गौरवान्वित किया।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तप-साधना ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। समाजजनों ने तपस्वियों की साधना की अनुमोदना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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जैन भवन से निकला भव्य वरघोड़ा
तपस्वियों के सम्मान में भव्य वरघोड़े का शुभारंभ जैन भवन, अहिवारा से हुआ। वरघोड़ा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पहुंचा और इसके बाद पुनः मंगल भवन में समारोह का आयोजन हुआ।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने तपस्वियों का अभिनंदन किया। धार्मिक जयकारों और उत्साह के बीच अहिवारा नगर धर्ममय वातावरण से सराबोर नजर आया।
एक ही परिवार से तीन तपस्वियों ने बढ़ाया गौरव
तीनों तपस्वी धरमचंद बाफना परिवार से हैं। परिवार लंबे समय से धर्म, समाजसेवा और जनसरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों द्वारा कठिन तपस्या किए जाने को समाज ने नई पीढ़ी के लिए धर्म, संयम, त्याग और संस्कार का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
चार मासखमण तपस्या का मिला विशेष सौभाग्य
कार्यक्रम में प्रदेश चेम्बर मंत्री प्रथम बाफना ने गुरु महाराज के पावन सान्निध्य में तपस्वियों की कठिन साधना की अनुमोदना की। उन्होंने कहा कि अहिवारा धाम को एक साथ चार मासखमण तपस्या का सौभाग्य प्राप्त होना नगर के धार्मिक इतिहास में अत्यंत विशेष और स्मरणीय अवसर है।
उन्होंने सभी तपस्वियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके तप और साधना को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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पूर्व मंत्री सहित कई गणमान्यजन हुए शामिल
कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इस दौरान पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, बिसरा राम यादव, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, लाभचंद बाफना, राकेश ठाकुर, राजीव गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे।
वहीं जैन समाज और चातुर्मास आयोजन से जुड़े कैलाश नाहटा, अशोक बाफना, जितेंद्र बाफना, चंचल बाफना, प्रदीप कोचर, लाभचंद बाफना, विजय जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
रायपुर, दुर्ग, कवर्धा, बालोद, राजनांदगांव, धमधा, बेरला, साजा, देवकर, बीजा और आसपास के क्षेत्रों से भी समाज के वरिष्ठजन, व्यापारी, उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे।
संतोष बाफना, शिखा बाफना और रौनक बाफना की तप-साधना को अहिवारा के धार्मिक और सामाजिक इतिहास का प्रेरणादायी अध्याय बताया गया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की इस साधना ने नई पीढ़ी के सामने तप, त्याग, संयम और संस्कार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
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रिपोर्टर : गोवर्धन प्रसाद ताम्रकार




