सीजी भास्कर, 24 अगस्त। कैंची धाम में निर्माणाधीन ॐ आकार के पुल को लेकर विरोध तेज होता (Kainchi Dham Bridge) जा रहा है। पुल के डिजाइन, उसकी ऊंचाई और धार्मिक प्रतीक के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर भीमताल के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत भेजकर समाधान की मांग की है।
विरोध करने वालों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन कैंची धाम की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक पहचान को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। वहीं पुल के ॐ डिजाइन को लेकर भी आपत्ति सामने आई है, जिसके बाद यह निर्माण स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

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Kainchi Dham Bridge के डिजाइन पर उठे सवाल
निर्माणाधीन पुल के डिजाइन को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि इसका भारी-भरकम कंक्रीट ढांचा कैंची धाम के शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण के अनुरूप नहीं है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस तरह का निर्माण धाम के मूल स्वरूप और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावित कर सकता है। उनका कहना है कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय धार्मिक और प्राकृतिक पहचान का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
मंदिर से अधिक ऊंचाई होने का दावा
पुल की ऊंचाई भी विवाद का एक बड़ा कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन संरचना की ऊंचाई कैंची धाम मंदिर से अधिक हो रही है।
विरोध करने वालों का तर्क है कि इससे मंदिर की दृश्यता और उसकी प्रमुखता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण पुल के मौजूदा डिजाइन और ऊंचाई की समीक्षा करने की मांग की जा रही है।
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ॐ का डिजाइन भी बना विरोध की वजह
पुल पर बनाए जा रहे ॐ के डिजाइन को लेकर भी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है। विरोध करने वालों का दावा है कि कुछ कोणों से देखने पर ॐ का स्वरूप उल्टा दिखाई देता है।
उनका कहना है कि धार्मिक प्रतीक का डिजाइन इस तरह तैयार होना चाहिए कि वह हर दिशा और कोण से स्पष्ट तथा सम्मानजनक दिखाई दे। इसी मुद्दे को लेकर डिजाइन में बदलाव की मांग भी उठाई जा रही है।
धार्मिक प्रतीक के इस्तेमाल पर आपत्ति
पुल की संरचना में ॐ जैसे धार्मिक प्रतीक को शामिल किए जाने पर भी सवाल खड़े किए (Kainchi Dham Bridge) गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी डिजाइन या निर्माण में धार्मिक प्रतीक का स्वरूप ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे भ्रम पैदा हो या किसी तरह उसका गलत अर्थ निकले।
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प्राकृतिक और आध्यात्मिक माहौल बचाने की मांग
कैंची धाम की पहचान उसके प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक वातावरण से जुड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां होने वाले आधुनिक निर्माण कार्य पर्यावरण और धाम की मौजूदा पहचान के अनुकूल होने चाहिए।
उनकी मांग है कि विकास कार्यों के साथ-साथ कैंची धाम की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक माहौल को भी सुरक्षित रखा जाए। विरोध करने वालों ने संबंधित अधिकारियों से पुल के डिजाइन और निर्माण की समीक्षा करने की मांग की है।
फिलहाल निर्माण पर कोई कानूनी रोक नहीं
वर्तमान में पुल के निर्माण को अवैध घोषित (Kainchi Dham Bridge) नहीं किया गया है। साथ ही किसी अदालत की ओर से निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश भी सामने नहीं आया है।
फिलहाल विवाद मुख्य रूप से पुल के डिजाइन, उसकी ऊंचाई, ॐ के धार्मिक प्रतीक और कैंची धाम के प्राकृतिक स्वरूप पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर है। आने वाले दिनों में शिकायतों और स्थानीय विरोध के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन या संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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