सीजी भास्कर, 27 अगस्त। दूरस्थ ग्राम डाहीबहरा की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की होनहार बालिका कुमारी उर्मिला बैगा की आगे की पढ़ाई का रास्ता अब आसान (Pendra News) हो गया है। उर्मिला बैगा को पेण्ड्रा के पीएम विद्यालय एवं पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में प्रवेश दिलाया गया है, जिससे वह बिना आर्थिक और आवासीय परेशानी के अपनी कक्षा 11वीं की पढ़ाई जारी रख सकेगी।
- हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं होने से पढ़ाई पर मंडराया था संकट Pendra News
- प्राचार्य ने डीईओ को दी जानकारी, शुरू हुई पहल
- पीएम श्री कन्या विद्यालय में मिला कक्षा 11वीं में प्रवेश
- प्रवेश शुल्क से लेकर ड्रेस और किताबों तक मिली मदद
- छात्रावास में प्रवेश से आवास की समस्या भी हुई दूर
- जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा में हरसंभव सहयोग का भरोसा
- शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशील पहल
उर्मिला बैगा ग्राम पंचायत डाहीबहरा, विकासखंड गौरेला की निवासी हैं। उनके पिता श्री रामचरण बैगा कृषि मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं होने से पढ़ाई पर मंडराया था संकट Pendra News
उर्मिला ने पिछले सत्र में हाई स्कूल अँधियारखोह से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की थी। अँधियारखोह में हायर सेकेंडरी विद्यालय नहीं होने के कारण कक्षा 11वीं में आगे की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति भी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। ऐसे में संसाधनों और उचित व्यवस्था के अभाव में उर्मिला की पढ़ाई बीच में छूटने की आशंका बन गई थी।

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प्राचार्य ने डीईओ को दी जानकारी, शुरू हुई पहल
बालिका की समस्या की जानकारी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरकारीपारा की प्राचार्य मोनिका जैन को हुई। उन्होंने इस मामले को जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के संज्ञान में लाया।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में प्राचार्य श्रीमती मोनिका जैन और बालिका शिक्षा कार्यक्रम की जिला समन्वयक सरस्वती यादव ने पहल करते हुए उर्मिला बैगा को पेण्ड्रा लाकर प्रवेश की व्यवस्था कराई।
पीएम श्री कन्या विद्यालय में मिला कक्षा 11वीं में प्रवेश
उर्मिला बैगा को पीएम सेजेस हिन्दी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पेण्ड्रा में प्रवेश दिलाया गया।
इस पहल से अब उर्मिला अपनी आगे की शिक्षा बेहतर शैक्षणिक वातावरण में जारी रख सकेगी। विशेष रूप से, दूरस्थ क्षेत्र की इस प्रतिभावान बालिका के लिए यह व्यवस्था शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद लेकर आई है।
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प्रवेश शुल्क से लेकर ड्रेस और किताबों तक मिली मदद
उर्मिला के प्रवेश में आर्थिक समस्या बाधा न बने, इसके लिए प्रवेश शुल्क का भुगतान प्राचार्य मोनिका जैन द्वारा किया गया।
वहीं नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने बालिका को ड्रेस, ब्राउजर, पुस्तकें, कॉपियां और जूते उपलब्ध कराए। इससे उसकी पढ़ाई शुरू करने के लिए जरूरी संसाधनों की भी व्यवस्था हो गई।
छात्रावास में प्रवेश से आवास की समस्या भी हुई दूर
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के मार्गदर्शन में उर्मिला का प्रवेश पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, पेण्ड्रा में भी कराया गया।
अब उसकी शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित आवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो गई है। इससे उर्मिला बिना किसी परेशानी के अपनी आगे की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
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जरूरतमंद बेटियों की शिक्षा में हरसंभव सहयोग का भरोसा
नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। उर्मिला जैसी प्रतिभावान बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है और नगर पालिका की ओर से उर्मिला की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उनका प्रयास रहेगा कि क्षेत्र की कोई भी जरूरतमंद और प्रतिभावान बेटी संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने के लिए मजबूर न हो।
शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशील पहल
इस पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि समय पर सहयोग और सही मार्गदर्शन मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बचाया जा सकता है।
शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से उर्मिला बैगा की आगे की पढ़ाई का रास्ता खुला है। यह पहल क्षेत्र की अन्य जरूरतमंद और प्रतिभावान बालिकाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन सकती है।
इस दौरान राकेश चतुर्वेदी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेण्ड्रा आर.एन. चंद्रा, बालमुकुंद अग्रवाल, आलोक शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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रिपोर्टर : आयुष्मान शर्मा




