सीजी भास्कर, 30 अगस्त 2026 : रायपुर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लगाई गई करीब 3.15 लाख डिजिटल डोर नंबर प्लेट (DDN) फिलहाल प्रॉपर्टी और टैक्स की पहचान तक सीमित होती नजर आ
रही हैं। डिजिटल डोर नंबर प्लेट (Digital Door Number) के जरिए नामांतरण, भवन अनुज्ञा, नल कनेक्शन सहित 26 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन कई मामलों में QR कोड स्कैन नहीं हो रहा है और प्लेट से सीधे टैक्स भुगतान की सुविधा भी काम नहीं कर रही है।
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QR कोड से भुगतान की सुविधा नहीं
डिजिटल डोर नंबर प्लेट पर यूनिक प्रॉपर्टी आईडी के साथ QR कोड लगाया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को घर बैठे नगर निगम की विभिन्न सेवाओं से जोड़ना था। फिलहाल QR कोड स्कैन करने पर कई बार सिर्फ प्रॉपर्टी और प्रॉपर्टी होल्डर की जानकारी सामने आती है।
टैक्स जमा करने के लिए लोगों को नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर प्रॉपर्टी आईडी दर्ज करनी पड़ रही है। ऐसे में डिजिटल डोर नंबर प्लेट (Digital Door Number) से जुड़ी ऑनलाइन सुविधा का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
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कई मोबाइल में स्कैन नहीं हो रहा QR
मौदहापारा निवासी एक व्यक्ति ने ऑनलाइन टैक्स भुगतान के लिए प्लेट पर लगे QR कोड को स्कैन किया। QR कोड स्कैन होने के बाद प्रॉपर्टी की जानकारी तो दिखाई दी, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
वहीं जोरा क्षेत्र में एक अन्य प्रॉपर्टी मालिक के मोबाइल से QR कोड स्कैन ही नहीं हुआ। दूसरे मोबाइल से प्रयास करने के बाद भी समस्या बनी रही। इससे डिजिटल डोर नंबर प्लेट (Digital Door Number) की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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अब 3.60 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी दर्ज
स्मार्ट सिटी परियोजना के दौरान करीब 3.15 लाख प्रॉपर्टी पर डिजिटल नंबर प्लेट लगाई गई थी। अब नगर निगम के रिकॉर्ड में 3,60,411 प्रॉपर्टी दर्ज हैं। इनमें करीब 3.46 लाख टैक्सेबल प्रॉपर्टी बताई गई हैं। शहर में लगातार नई प्रॉपर्टी और बसाहट बढ़ने के कारण नगर निगम अब दोबारा सर्वे की तैयारी कर रहा है। इसके बाद डिजिटल नंबर प्लेट की कवरेज बढ़ाने की योजना है।
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भविष्य में 26 सेवाओं से जोड़ने की तैयारी
डिजिटल डोर नंबर प्लेट के जरिए नामांतरण, भवन अनुज्ञा, नल कनेक्शन जैसी नगर निगम की सेवाओं के साथ पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सुविधाओं को जोड़ने की योजना बनाई गई थी।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के अनुसार डिजिटल डोर नंबर के जरिए टैक्स कलेक्शन की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में जरूरी डिजिटल सेवाओं को भी DDN से इंटीग्रेट किया जाएगा।
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टैक्स से आगे बढ़ाना होगा इस्तेमाल
नगर निगम का लक्ष्य शहर की सभी प्रॉपर्टी को डिजिटल नंबर प्लेट से जोड़ने के साथ इन्हें अन्य डिजिटल सेवाओं का माध्यम बनाना है। फिलहाल QR कोड की तकनीकी दिक्कत और सीधे भुगतान की सुविधा नहीं होने से डिजिटल डोर नंबर प्लेट (Digital Door Number) का इस्तेमाल अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पा रहा है। यदि QR आधारित सेवाओं को सुचारू किया जाता है तो लोगों को नगर निगम की कई सेवाओं के लिए अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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