सीजी भास्कर, 30 अगस्त 2026 : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच रायपुर के दिनेश ठाकुर अपने चार दोस्तों के साथ बड़ी अनहोनी से बाल-बाल बच गए। नेपाल बाढ़ (Nepal Flood) के दौरान चाय पीने के लिए महज 10 से 15 मिनट रुकना पांचों दोस्तों के लिए जिंदगी बचाने वाला फैसला साबित हुआ।
यह भी पढ़ें : Onion and Sugar Prices : प्याज-शक्कर ने बढ़ाई टेंशन, रसोई का बजट बिगड़ा
चाय के लिए रुके और सामने बह गया पुल
दिनेश ठाकुर अपने दोस्तों नारायण सेन, दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत और यतेंद्र प्रकाश के साथ 21 अगस्त को नेपाल गए थे। 26 अगस्त की सुबह सभी मालेखू पहुंचे। यहां चाय पीने के लिए वे करीब 10 से 15 मिनट रुके। इसी दौरान अचानक भगदड़ मच गई और देखते ही देखते आगे बना पुल बाढ़ के तेज बहाव में बह गया।
दिनेश के मुताबिक, अगर वे चाय पीने के लिए वहां नहीं रुकते तो उनकी गाड़ी भी उसी रास्ते पर होती। नेपाल बाढ़ (Nepal Flood) के बीच उन्होंने अपनी आंखों के सामने गाड़ियों, घरों और लोगों को नदी के तेज बहाव में बहते देखा।
यह भी पढ़ें : Pharmacy Admission : फार्मेसी कॉलेजों में एडमिशन शुरू, 1 सितंबर से काउंसलिंग
दो रात कार में गुजारनी पड़ी
बाढ़ के कारण रास्ते पूरी तरह बाधित हो गए थे। हालात इतने खराब थे कि दिनेश और उनके दोस्तों को करीब दो रातें कार में ही गुजारनी पड़ीं। करीब 30 से 40 घंटे की मशक्कत के बाद वे पशुपतिनाथ के दर्शन कर सके।
इसके बाद रास्ता खुलने पर पांचों दोस्त सुरक्षित रायपुर लौट आए। दिनेश ने बताया कि नेपाल बाढ़ (Nepal Flood) के दौरान हर पल खतरा बना हुआ था। चारों तरफ तबाही का मंजर देखकर सभी सहम गए थे।
यह भी पढ़ें : Congress Bastar Plan : राहुल गांधी के बस्तर दौरे की तैयारी, आदिवासी मुद्दों पर बनेगी रिपोर्ट
स्थानीय महिला सुरक्षाकर्मियों ने बांधी राखी
दिनेश ने बताया कि संकट के दौरान रक्षाबंधन का त्योहार भी आया। हालात को देखते हुए उन्होंने अपने परिवार को पहले ही बता दिया था कि संभव है वे समय पर घर नहीं लौट पाएं। इसी दौरान नेपाल की स्थानीय महिला सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें राखी बांधी। मुश्किल सफर के बीच राखी बांधने का यह पल दिनेश और उनके दोस्तों के लिए बेहद भावुक रहा।
यह भी पढ़ें :Joe Root : घर में सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज बने, पोंटिंग का महारिकॉर्ड टूटा
सरकार के संपर्क में रहे, सुरक्षित लौटे
दिनेश के अनुसार, संकट के दौरान वे लगातार सरकार के संपर्क में रहे। इंटरनेट सेवा चालू रहने के कारण परिवार और दोस्तों से संपर्क बना रहा और परिजनों को उनकी स्थिति की जानकारी मिलती रही।
करीब 30 से 40 घंटे की मुश्किलों के बाद पांचों दोस्त सुरक्षित रायपुर लौटने में सफल रहे। नेपाल बाढ़ (Nepal Flood) की इस घटना ने उन्हें जिंदगी के बेहद करीब से गुजरने का अनुभव दिया। दिनेश के लिए चाय पीने के लिए लिया गया वह छोटा-सा ब्रेक जिंदगी का सबसे अहम फैसला साबित हुआ।
खबरें और भी हैं : Digital Crop Survey : दुर्ग में पेड़ पर चढ़कर फसल की फोटो, नई शर्त से बढ़ी मुसीबत




