सीजी भास्कर, 30 अगस्त 2026 : कांग्रेस अब बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बदले हालात के बीच अपनी राजनीतिक रणनीति को नए सिरे से धार देने की तैयारी में है। राहुल गांधी बस्तर दौरा (Rahul Gandhi Bastar Visit) इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी जल-जंगल-जमीन, आदिवासी अधिकार और स्थानीय समस्याओं को केंद्र में रखकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
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आदिवासी मुद्दों पर तैयार होगी खास रिपोर्ट
कांग्रेस की ओर से बस्तर संभाग के अलग-अलग इलाकों में आदिवासी समाज की समस्याओं की जानकारी जुटाने के लिए एक विशेष समिति को जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई है। समिति वनाधिकार पट्टे, जमीन से जुड़े मामले, विस्थापन और पुनर्वास, स्थानीय रोजगार, लघु वनोपज, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों की जानकारी जुटाएगी।
इस रिपोर्ट को संभावित राहुल गांधी बस्तर दौरा (Rahul Gandhi Bastar Visit) के दौरान प्रस्तुत करने की तैयारी है। कांग्रेस की कोशिश केवल राजनीतिक सभा तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करने की है।
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जल-जंगल-जमीन पर कांग्रेस का फोकस
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में बदलाव आया है। कांग्रेस अब सुरक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर आदिवासी अधिकार, विकास, वनाधिकार और जल-जंगल-जमीन को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाना चाहती है।
पार्टी की रणनीति में खदानों के आवंटन और यूसीसी जैसे मुद्दे भी शामिल किए जा सकते हैं। इसके जरिए कांग्रेस आदिवासी समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
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नक्सलवाद के बाद बदला बस्तर का राजनीतिक नैरेटिव
बस्तर में लंबे समय तक नक्सलवाद और सुरक्षा सबसे बड़े राजनीतिक मुद्दे रहे हैं। अब नक्सली प्रभाव वाले इलाकों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ने के साथ राजनीतिक दलों के सामने विकास, रोजगार और आदिवासी अधिकार जैसे नए सवाल प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
कांग्रेस इसी बदले माहौल में आदिवासी मुद्दों को लेकर अपना अभियान मजबूत करना चाहती है। संभावित राहुल गांधी बस्तर दौरा (Rahul Gandhi Bastar Visit) इसी दिशा में बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
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स्थानीय लोगों से सीधे संवाद की तैयारी
कांग्रेस की योजना प्रस्तावित कार्यक्रम में आदिवासी प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रभावित परिवारों को शामिल करने की है। पार्टी चाहती है कि स्थानीय समस्याओं को सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया जाए।
बस्तर की राजनीति में आदिवासी मुद्दों की अहम भूमिका को देखते हुए राहुल गांधी बस्तर दौरा (Rahul Gandhi Bastar Visit) कांग्रेस के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकता है। पार्टी बस्तर में अपना खोया जनाधार वापस हासिल करने के लिए अभी से सक्रिय होती दिखाई दे रही है।
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कांग्रेस के लिए क्यों अहम है बस्तर
बस्तर संभाग की सीटें कांग्रेस के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रही हैं। अब पार्टी सुरक्षा के साथ-साथ विकास और आदिवासी अधिकारों को लेकर नया राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने में जुटी है। यदि राहुल गांधी का दौरा तय होता है तो इसे इसी रणनीति को आगे बढ़ाने वाले बड़े कार्यक्रम के तौर पर देखा जाएगा।
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