सीजी भास्कर, 01 सितंबर। छत्तीसगढ़ भाजपा में नए कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर हलचल (BJP Chhattisgarh) तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के सड़क हादसे में घायल होने के बाद उनकी सक्रियता सीमित है। ऐसे में पार्टी जल्द ही किसी वरिष्ठ नेता को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकती है।

तोखन साहू का नाम सबसे आगे BJP Chhattisgarh
इस पद के लिए केंद्रीय मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें दिल्ली बुलाया है।
इसके अलावा पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, कुरुद विधायक अजय चंद्राकर, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नामों पर भी चर्चा है।
यह भी पढ़ें: Dhamtari Tourism : गंगरेल का ‘मिनी गोवा’ बना छत्तीसगढ़ का टूरिज्म हब, लबालब जलाशय और वाटर स्पोर्ट्स खींच रहे सैलानी
मुख्यमंत्री के साथ बढ़ी सक्रियता
तोखन साहू पिछले करीब एक सप्ताह से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ संगठन और सरकार से जुड़ी बैठकों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनकी बढ़ती सक्रियता को नई संगठनात्मक जिम्मेदारी की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, भाजपा की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष के नाम को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें: Scientific Fish Farming : तालाब से बदली किस्मत, मछली पालन से कामिनी की सालाना कमाई 2 लाख
OBC समीकरण पर भी नजर
तोखन साहू केंद्र सरकार में मंत्री हैं और बिलासपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके नाम की चर्चा में OBC समीकरण को भी अहम माना जा रहा है।
साहू समाज का छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव है। ऐसे में पार्टी उन्हें जिम्मेदारी देकर सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साध सकती है।
बिलासपुर संभाग पर फोकस
भाजपा के लिए बिलासपुर संभाग संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। तोखन साहू को जिम्मेदारी मिलने पर इस क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूत करने पर फोकस किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: Nagri Gas Agency : जहां ऑफिस, वहां नहीं मिलती गैस, 3 किमी दूर टंकी लेने पहुंच रहीं ग्रामीण महिलाएं, परेशानी बढ़ी
7 मोर्चों के प्रभारियों की नियुक्ति
इसी बीच छत्तीसगढ़ भाजपा ने सात मोर्चों के नए प्रभारियों की नियुक्ति भी की है। युवा, महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
युवा मोर्चे का प्रभार वैभव बैस, महिला मोर्चे का सुभाष तिवारी और किसान मोर्चे की जिम्मेदारी पूनम चंद्राकर को दी गई है। वहीं पिछड़ा वर्ग मोर्चे के प्रभारी लखनलाल साहू बनाए गए हैं।
इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
अनुसूचित जनजाति मोर्चे की जिम्मेदारी शिरिष अग्रवाल, अनुसूचित जाति मोर्चे का प्रभार डॉ. गुलाब टिकरिहा और अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी मनोज जैन को सौंपी गई है।
फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है। आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा कि छत्तीसगढ़ भाजपा की संगठनात्मक कमान किस नेता को मिलती है।
खबरें और भी हैं… Borai Police Station : सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अधिकारियों की बैठक, माओवादी गतिविधियों और NDPS मामलों पर हुई चर्चा



