सीजी भास्कर, 1 सितंबर 2026 : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रकृति, रोमांच और जलराशि का ऐसा संगम देखने को मिल रहा है, जिसने इसे पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। गंगरेल के ‘मिनी गोवा’ से लेकर नरहरा जलप्रपात और माडमसिल्ली तक, पर्यटन (Dhamtari Tourism) का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। मानसून के सुहावने मौसम में यहां सैलानियों की भीड़ उमड़ रही है।
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गंगरेल से नरहरा तक, सैलानियों की पसंद बना धमतरी
धमतरी जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। रविशंकर सागर जलाशय यानी गंगरेल बांध, रुद्री डैम, माडमसिल्ली, सिहावा का श्रृंगऋषि पर्वत, कर्णेश्वर महादेव, सप्तऋषि, नरहरा जलप्रपात और जबर्रा हिल्स जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। पर्यटन (Dhamtari Tourism) के लिहाज से मानसून का मौसम इन जगहों की खूबसूरती को और बढ़ा देता है।
गंगरेल और रुद्री डैम में कयाकिंग, बोटिंग और अन्य एडवेंचर वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने से युवाओं और साहसिक खेल प्रेमियों का आकर्षण बढ़ा है। धमतरी अब महज एक पड़ाव नहीं, बल्कि प्रमुख टूरिज्म हब के रूप में उभर रहा है।
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गंगरेल का ‘मिनी गोवा’ बना सबसे बड़ा आकर्षण
‘मिनी गोवा’ के नाम से प्रसिद्ध गंगरेल जलाशय अपनी विशाल जलराशि, शानदार सूर्यास्त, बोटिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। वहीं रुद्री डैम कयाकिंग और पारिवारिक पिकनिक के लिए आकर्षण का केंद्र है।
माडमसिल्ली बांध अपनी अनूठी साइफन प्रणाली और शांत प्राकृतिक वातावरण के लिए जाना जाता है। दूसरी ओर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित नरहरा जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकर्स को आकर्षित कर रहा है। इन सभी स्थलों ने पर्यटन (Dhamtari Tourism) को नई रफ्तार दी है।
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जलाशयों में भरपूर पानी से बढ़ी खूबसूरती
इस साल जलाशयों में पर्याप्त जलभराव भी पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। रविशंकर सागर यानी गंगरेल जलाशय में 90.72 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। इसका वर्तमान जलस्तर 347.95 मीटर यानी 1141.62 फीट है। यहां 3548 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है।
मुरूमसिल्ली जलाशय 98.82 प्रतिशत जलभराव के साथ अपनी क्षमता के करीब है। दुधावा में 82.37 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय में 68.90 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। लबालब जलाशयों और हरियाली ने पर्यटन (Dhamtari Tourism) स्थलों की खूबसूरती और बढ़ा दी है।

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वाटर स्पोर्ट्स से युवाओं को रोजगार
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर दिया है। वाटर स्पोर्ट्स के दौरान लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित गाइड की मौजूदगी को जरूरी किया गया है।
पर्यटकों के लिए पार्किंग, उद्यान, विश्राम स्थल, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, बोटिंग संचालन, खान-पान और हस्तशिल्प के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
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प्रकृति और रोमांच का शानदार कॉम्बिनेशन
धमतरी में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ एडवेंचर गतिविधियों का विस्तार इसे अलग पहचान दे रहा है। गंगरेल, रुद्री, माडमसिल्ली और नरहरा जैसे पर्यटन स्थल सैलानियों को प्रकृति के करीब पहुंचने का मौका दे रहे हैं। बेहतर सुविधाओं, पर्याप्त जलराशि और वाटर स्पोर्ट्स के कारण पर्यटन (Dhamtari Tourism) को नई पहचान मिल रही है। धमतरी अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख टूरिज्म हब के तौर पर अपनी जगह मजबूत कर रहा है।

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