सीजी भास्कर, 1 सितंबर 2026 : माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज लंबे समय से बंद हैं। अब इसके संचालन को लेकर पर्यटन मंडल ने स्थिति स्पष्ट की है। कॉटेज के संचालन और मेंटनेंस के लिए तीन बार निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई, लेकिन हर बार न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण निविदा निरस्त करनी पड़ी। कॉटेज संचालन (Mata Kaushalya Dham) को शुरू करने के लिए अब लीज मॉडल पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है।

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तीन बार टेंडर, हर बार नहीं मिला न्यूनतम प्रस्ताव Mata Kaushalya Dham
पर्यटन मंडल के अनुसार, माता कौशल्या धाम को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से कॉटेज तैयार किए गए हैं। इनके संचालन और प्रबंधन के लिए समय-समय पर निविदा प्रक्रिया अपनाई गई।
पहली निविदा के बाद आवश्यक न्यूनतम प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद दोबारा निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन दूसरी बार भी स्थिति नहीं बदली। तीसरी बार भी न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिले। इसके चलते नियमानुसार तीनों निविदा प्रक्रियाओं को निरस्त करना पड़ा। कॉटेज संचालन (Mata Kaushalya Dham) के लिए पर्यटन मंडल ने इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू किया है।
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अब लीज मॉडल से खुलेगा कॉटेज संचालन का रास्ता
पर्यटन मंडल के अनुसार, वर्तमान में कॉटेज के लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने और खान-पान सहित आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी। विभाग का कहना है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा उसकी प्राथमिकता है। इसी वजह से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कॉटेज संचालन (Mata Kaushalya Dham) शुरू होने से पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
माता कौशल्या धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है। यहां देश-प्रदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है।
ऐसे में पर्यटकों के ठहरने और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करना पर्यटन मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है। पर्यटन सुविधा (Mata Kaushalya Dham) को बेहतर बनाने के लिए कॉटेज का संचालन शुरू करना इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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तीन टेंडर के बाद अब वैकल्पिक रास्ते पर विभाग
पूर्व में तीन निविदाओं में न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब पर्यटन मंडल लीज पर संचालन की प्रक्रिया प्रस्तावित कर रहा है।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉटेज शुरू होने से माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। माता कौशल्या धाम (Mata Kaushalya Dham) में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विभाग लगातार जोर दे रहा है।




