सीजी भास्कर, 25 अगस्त। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के तर्रागोंदी गांव में साहू परिवार के 31 सदस्यों के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि पिछले दो साल से पंचायत के कथित फैसले के चलते उन्हें गांव में अलग-थलग रखा जा रहा है। परिवार में बुजुर्ग, महिलाएं और 7 बच्चे भी शामिल हैं। (Dhamtari Social Boycott Case)
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अतिक्रमण के आरोप के बाद परिवार को किया गया अलग-थलग : Dhamtari Social Boycott Case
पीड़ित परिवार के मुताबिक, दो साल पहले उन पर गांव में अतिक्रमण कर घर बनाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद कथित तौर पर उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। परिवार का आरोप है कि गांव में उनसे बातचीत करने, उनके खेतों में काम करने और सुख-दुख में शामिल होने तक पर रोक है।
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बच्चों को दुकानों से सामान खरीदने पर रोक का आरोप
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बच्चों को गांव की दुकानों से बिस्किट और चॉकलेट तक नहीं दिए जाते। सामान खरीदने के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता है। परिवार का दावा है कि सामाजिक बहिष्कार के कारण वे लंबे समय से मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन : Dhamtari Social Boycott Case
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। जिला प्रशासन ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है।
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