सीजी भास्कर, 6 सितंबर : छत्तीसगढ़ में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब भी पढ़ने-लिखने (Literacy Mission) से वंचित हैं। प्रदेश के सभी 33 जिलों में हुए सर्वे में 97,679 निरक्षरों की पहचान हुई है। इन्हें अब साक्षरता अभियान से जोड़कर पढ़ना-लिखना और बुनियादी गणित सिखाया जाएगा। सर्वे में बिलासपुर जिले में सबसे ज्यादा 11,328 लोग निरक्षर मिले हैं। इसके बाद बस्तर में 7,997 और सरगुजा में 3,568 निरक्षर चिन्हित किए गए हैं।
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सर्वे में सामने आए 97 हजार से ज्यादा निरक्षर
यह सर्वे उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 20 मई से 27 अगस्त के बीच कराया गया। बिलासपुर में चिन्हित 11,328 निरक्षरों में 10,908 ग्रामीण क्षेत्र से हैं। वहीं 420 लोग नगरीय निकायों के 163 वार्डों में मिले हैं।
अब इन लोगों को अक्षर और अंक ज्ञान के साथ बुनियादी गणितीय कौशल सिखाया जाएगा। इसके बाद सितंबर के अंत में होने वाली महापरीक्षा में उन्हें शामिल कराया जाएगा। साक्षरता अभियान (Literacy Mission) के तहत इन शिक्षार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
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विद्यार्थियों को मिलेंगे 10 बोनस अंक
साक्षरता अभियान में स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी यदि 10 निरक्षरों को पढ़ाकर उन्हें महापरीक्षा में उत्तीर्ण कराते हैं, तो उन्हें स्थानीय या बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक दिए जाएंगे।
पारा-मोहल्लों में पांच से 10 शिक्षार्थियों के समूह के लिए स्थानीय स्कूलों को साक्षरता केंद्र बनाया गया है। शिक्षार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों का 15 सितंबर तक उल्लास मोबाइल एप पर पंजीयन कराया जाएगा। इस पहल से साक्षरता अभियान (Literacy Mission) में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है।
साक्षरता पखवाड़े में होंगे कई कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिले में साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। सात सितंबर को नवसाक्षर बुजुर्गों और महिलाओं से ‘चिट्ठी कलेक्टर के नाम’ लिखवाई जाएगी।
आठ सितंबर को सुबह आठ बजे मानव शृंखला बनाई जाएगी। इसी दिन शाम सात बजे घरों और कार्यालयों के बाहर उल्लास साक्षरता दीप जलाए जाएंगे। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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पिछली महापरीक्षा में 3.52 लाख सफल
मार्च में हुई पिछली साक्षरता महापरीक्षा में प्रदेश से 3,93,661 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 3,52,089 परीक्षार्थी सफल रहे। महिला परीक्षार्थियों का प्रदर्शन पुरुषों की तुलना में बेहतर रहा।
2.68 लाख महिलाओं में से 2.41 लाख से अधिक ने परीक्षा पास की। वहीं 1.25 लाख पुरुषों में से करीब 1.10 लाख परीक्षार्थी सफल हुए। परीक्षा में शामिल 92 ट्रांसजेंडर परीक्षार्थियों में से 80 ने सफलता हासिल की थी। अब नए चिन्हित निरक्षरों को भी साक्षरता अभियान (Literacy Mission) के जरिए मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी है।
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