सीजी भास्कर, 6 सितंबर : सीजीपीएससी और डीएमएफ घोटाले (CGPSC-DMF Scam) से जुड़े मामलों में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर और सतपाल सिंह छाबड़ा को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद विशेष अदालत में पेशी हुई। जांच एजेंसी ने रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की। इसके बाद अदालत ने दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया।
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अभ्यर्थियों से पेपर के नाम पर रकम लेने का आरोप
जांच के दौरान CGPSC परीक्षा के अभ्यर्थियों से पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर बड़ी रकम लिए जाने का आरोप सामने आया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर की भूमिका अभ्यर्थियों तक प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के पेपर पहुंचाने से जुड़ी होने की बात सामने आई है। CGPSC-DMF घोटाले (CGPSC-DMF Scam) की जांच में इस पहलू को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
100 प्रतिशत सवाल मैच होने का दावा
जांच में शामिल एक महिला अभ्यर्थी के बयान के मुताबिक, उसे प्रारंभिक परीक्षा का पेपर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराया गया था। महिला का दावा है कि वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सभी सवाल उस पेपर से मेल खाते थे।
इसके बाद मुख्य परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर उससे करीब 70 लाख रुपये लिए गए। महिला के अनुसार, उसे कथित तौर पर मुख्य परीक्षा का एक पेपर दिखाया गया था। हालांकि परीक्षा होने के बाद वह वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल नहीं खाया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, अन्य अभ्यर्थियों से भी इसी तरह पैसे लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आरोपों की जांच दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर की जा रही है।
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कई संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए समन
जांच के दौरान ऐसे कई लोगों की पहचान की गई है, जिनका मामले से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध सामने आया है। इन लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किए गए हैं। जांच एजेंसी ने फिलहाल जांच प्रभावित होने की आशंका के चलते संबंधित लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
समन किए गए लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि पूछताछ के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं और हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत महसूस होती है, तो उसकी कस्टडी की मांग अदालत से की जा सकती है। CGPSC-DMF घोटाले (CGPSC-DMF Scam) में जांच का दायरा आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आने की संभावना है।
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60 दिन में जांच पूरी करने का लक्ष्य
जांच एजेंसी ने मामले की जांच करीब 60 दिनों में पूरी कर अभियोजन शिकायत दाखिल करने का लक्ष्य रखा है। आगे की कार्रवाई पूछताछ में सामने आने वाले बयानों, दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
वहीं DMF घोटाले से जुड़े आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। दोनों आरोपियों की कस्टोडियल रिमांड पूरी होने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। अब जांच एजेंसी अन्य संभावित आरोपियों और अभ्यर्थियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
CGPSC-DMF घोटाले (CGPSC-DMF Scam) की जांच में पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर रकम लेने का आरोप सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।




