सीजी भास्कर, 6 सितंबर : कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए सुखदेव भगत को प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव (Congress Chhattisgarh Change) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ से हटाकर पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटाकर असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है।
सुखदेव भगत को मिली छत्तीसगढ़ की कमान
सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए।
मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया था। वे कई बार विधायक रहे। वर्ष 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और विधानसभा चुनाव लड़ा। हालांकि जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की।
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संगठन को मजबूत करना होगी बड़ी चुनौती
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव (Congress Chhattisgarh Change) के बाद नए प्रभारी के सामने वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की चुनौती होगी।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें प्रदेश के क्षेत्रीय समीकरणों और संगठन की मौजूदा स्थिति को समझना होगा। कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और चुनावी तैयारियों को गति देना भी अहम होगा।
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पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी
सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब वहां कांग्रेस के भीतर लंबे समय से गुटबाजी की स्थिति बनी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों की ओर से भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की कार्यशैली का विरोध किए जाने की बात सामने आती रही है।
पार्टी की बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों के दौरान भी विरोध के मामले सामने आए। कई जगह बघेल के खिलाफ नारेबाजी और हंगामे की स्थिति बनी। चन्नी गुट की ओर से नेतृत्व में बदलाव की मांग भी उठाई गई थी।
भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटाकर असम का महासचिव प्रभारी बनाया है। पार्टी के इस फेरबदल में छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव (Congress Chhattisgarh Change) के साथ पंजाब और असम में भी जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान देकर कांग्रेस ने वहां संगठन के भीतर मतभेद कम करने की कोशिश की है। पायलट को संगठनात्मक अनुभव रखने वाला नेता माना जाता है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि वे पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगे।
पहले भी मिल चुकी हैं भगत को अहम जिम्मेदारियां
वर्ष 2025 में सुखदेव भगत को झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी संसदीय जिम्मेदारियां दी गई थीं। अप्रैल 2025 में उन्हें कांग्रेस का ऑब्जर्वर भी बनाया गया था।
अब प्रदेश प्रभारी की नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव (Congress Chhattisgarh Change) के जरिए पार्टी संगठन में नई ऊर्जा लाने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
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