सीजी भास्कर, 8 सितंबर : छत्तीसगढ़ में सिकल सेल (Sickle Cell Chhattisgarh) रोग से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब जिला स्तर से लेकर विशेषज्ञ उपचार तक पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सिकल सेल से सबसे ज्यादा प्रभावित 11 जिलों को केंद्र में रखकर नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। स्क्रीनिंग, उपचार और मरीजों को लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेजों, यूनिसेफ, विभिन्न विभागों, सामाजिक संस्थाओं और निजी चिकित्सकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जमीनी स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों और मौजूदा संसाधनों की समीक्षा की गई। सिकल सेल की रोकथाम (Sickle Cell Chhattisgarh) के साथ मरीजों की देखभाल को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए।
स्क्रीनिंग से उपचार तक पूरी व्यवस्था की समीक्षा
राज्य स्तरीय परामर्श में सिकल सेल रोग से जुड़ी पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसमें मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार, उपचार का नियमित पालन, रेफरल व्यवस्था, शोध और तकनीकी सहयोग जैसे विषय शामिल रहे। इसके साथ ही मरीजों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था पर भी मंथन किया गया।
विशेषज्ञों ने बच्चों के लिए विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से मजबूत रेफरल व्यवस्था तैयार करने की जरूरत भी बताई गई, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सके। सिकल सेल देखभाल व्यवस्था (Sickle Cell Chhattisgarh) को जिला स्तर से विशेषज्ञ संस्थानों तक जोड़ने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है।
चार समूहों में हुआ मंथन
परामर्श में सिकल सेल से सर्वाधिक प्रभावित 11 जिलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। जमीनी चुनौतियों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया। इन समूहों ने अलग-अलग विषयों पर चर्चा कर आगामी कार्ययोजना के लिए सुझाव दिए।
पहले समूह में स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाने, दूसरे में उपचार और उपचार का नियमित पालन सुधारने, तीसरे में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और चौथे में रेफरल व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई। समूहों से मिले सुझावों के आधार पर प्राथमिकता वाले कार्य तय करने और आगामी रणनीति को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी। 11 जिलों की रणनीति (Sickle Cell Chhattisgarh) में इन चारों क्षेत्रों को प्रमुख आधार बनाया गया है।
जशपुर मॉडल को बताया गया महत्वपूर्ण उदाहरण
बैठक में जशपुर मॉडल को सिकल सेल की देखभाल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और उनसे मिलने वाले अनुभवों पर भी चर्चा की। ऐसे प्रभावी मॉडलों को दूसरे प्रभावित जिलों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
राज्य नोडल अधिकारी डॉ. के. आर. सोनवानी सहित संबंधित विभागों और सहयोगी संस्थाओं ने परामर्श को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चर्चा में सामने आए सुझावों को आगामी कार्ययोजना में शामिल करने पर जोर दिया गया। जशपुर मॉडल (Sickle Cell Chhattisgarh) को अन्य जिलों के लिए उपयोगी अनुभव के रूप में देखा गया।
जिला स्तर से मेडिकल कॉलेज तक मजबूत होगा रेफरल तंत्र
स्वास्थ्य विभाग का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें मरीजों की पहचान शुरुआती स्तर पर हो और जरूरत के अनुसार उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए स्क्रीनिंग से लेकर रेफरल और विशेषज्ञ उपचार तक पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है।
विशेषकर बच्चों के मामलों में विशेषज्ञ सेवाओं तक आसान पहुंच को महत्वपूर्ण माना गया। साथ ही मरीजों को उपचार के दौरान लगातार सहयोग मिले और वे इलाज बीच में न छोड़ें, इसके लिए उपचार अनुपालन पर भी ध्यान देने की बात कही गई। सिकल सेल उपचार व्यवस्था (Sickle Cell Chhattisgarh) को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए जिला और राज्य स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर
परामर्श में यह भी सामने आया कि सिकल सेल से प्रभावित मरीजों को केवल चिकित्सा सुविधा देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी समय पर मिलना जरूरी है। इसी वजह से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी कार्ययोजना में प्रमुखता दी गई है।
राज्य स्तरीय परामर्श से सामने आए सुझावों के आधार पर अब प्राथमिकता वाले कार्यों को चिन्हित कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य सिकल सेल से प्रभावित लोगों को स्क्रीनिंग से लेकर उपचार और सामाजिक सुरक्षा तक लगातार सहायता उपलब्ध कराना है। राज्य की सिकल सेल कार्ययोजना (Sickle Cell Chhattisgarh) को इसी एकीकृत व्यवस्था के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
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