सीजी भास्कर, 9 सितंबर : छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा (Irrigation Projects Mahasamund) देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग ने 6 सिंचाई योजनाओं के सुदृढ़ीकरण, जीर्णोद्धार और निर्माण कार्यों के लिए 25 करोड़ 67 लाख 92 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 817 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी।
6 परियोजनाओं पर खर्च होंगे करोड़ों
मामला महासमुंद जिले की छह सिंचाई योजनाओं से जुड़ा है। जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन की ओर से मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इन सिंचाई परियोजनाओं (Irrigation Projects Mahasamund) के तहत अलग-अलग जलाशयों, एनीकट और नहरों के निर्माण, मरम्मत, रिमॉडलिंग और लाइनिंग के काम किए जाएंगे। परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों के खेतों तक पानी की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
डूमरपाली में एनीकट बनेगा
सरायपाली क्षेत्र के कटंगी नाला पर ग्राम डूमरपाली में एनीकट निर्माण के लिए 3 करोड़ 52 लाख 99 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे करीब 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। पिथौरा के राजाडेरा जलाशय की नहर के सुदृढ़ीकरण और लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 95 लाख रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इस काम से 76 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर होगी।
कुन्ती नाला का होगा जीर्णोद्धार
कुन्ती नाला व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य, नहर के जीर्णोद्धार और सीसी लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 74 लाख 31 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से करीब 170 हेक्टेयर क्षेत्र (Irrigation Projects Mahasamund) में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
वहीं महासमुंद के जामली जलाशय के शीर्ष कार्य की मरम्मत, नहरों की रिमॉडलिंग, लाइनिंग और पक्के निर्माणों की मरम्मत के लिए 4 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इससे 202 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
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दो जलाशयों पर भी काम
महासमुंद के परसदा जलाशय के शीर्ष जीर्णोद्धार, नहर रिमॉडलिंग और लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इस काम से करीब 166 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसी तरह छपोराडीह जलाशय की नहर रिमॉडलिंग, लाइनिंग और पक्के स्ट्रक्चर के उन्नयन के लिए 3 करोड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे 103 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी। इन जलाशय और नहर परियोजनाओं (Irrigation Projects Mahasamund) के पूरा होने से किसानों को पानी की उपलब्धता में राहत मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
छहों परियोजनाओं को मिलाकर कुल 817 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। नहरों की लाइनिंग, रिमॉडलिंग और जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार से पानी के बेहतर उपयोग और खेतों तक उसकी पहुंच में सुधार होगा। सरकार की ओर से दी गई इस स्वीकृति से महासमुंद जिले के किसानों को सिंचाई के लिए मजबूत आधारभूत संरचना मिलने की उम्मीद है। 817 हेक्टेयर सिंचाई विस्तार (Irrigation Projects Mahasamund) से कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
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