सीजी भास्कर, 16 सितंबर। नुआखाई पर्व के अवसर पर गांड़ा महिला महामंच की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री जगत ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में रहने वाले गांड़ा समाज के लोगों (Nuakhai Milan Samaroh) को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, धरती, अन्नदाता और कुल देवी-देवताओं के प्रति आभार जताने की परंपरा है।
उन्होंने बताया कि पर्व पर परिवार में कुल देवी-देवताओं की पूजा कर सबसे पहले नए अन्न का भोग लगाया जाता है। इसके बाद परिवार के सदस्य नवान्न ग्रहण करते हैं और एक-दूसरे से मिलकर नुआखाई जुहार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करती है।

बेटियों की शिक्षा पर जोर Nuakhai Milan Samaroh
सावित्री जगत ने कहा कि नुआखाई के अवसर पर समाज को संकल्प लेना चाहिए कि कोई बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और महिलाओं को उनके अधिकार व सम्मान के लिए अकेले संघर्ष न करना पड़े।
उन्होंने समाज को नशामुक्त, शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की। युवाओं से आधुनिकता के साथ आगे बढ़ने और अपनी संस्कृति व पहचान से जुड़े रहने का आह्वान किया।
परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील
सावित्री जगत ने नई पीढ़ी से सामाजिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखने तथा नुआखाई की परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने सभी को नुआखाई जुहार और नुआखाई भेंटघाट की शुभकामनाएं दीं।
खबरें और भी हैं: Teacher Ratna Award 2026 : रायपुर में शिक्षक रत्न सम्मान समारोह, प्रदेशभर के करीब 100 शिक्षकों को मिला सम्मान


