सीजी भास्कर, 17 सितंबर : इवनिंग वॉक पर निकले रिटायर्ड कॉलरीकर्मी पर भालू ने हमला ( Bear Attack ) कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
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मामला एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के सिद्ध बाबा पहाड़ी घाट के पास का है। नगर पंचायत खोंगापानी के वार्ड क्रमांक-7 निवासी 65 वर्षीय हरवंश मंगलवार शाम टहलने निकले थे। हनुमान मंदिर के आगे एनएच-43 पर अचानक भालू ने हमला कर दिया। भालू ने उनके शरीर पर नाखूनों से कई गंभीर वार किए।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
राहगीरों ने घायल हरवंश को एंबुलेंस की मदद से 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली।
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घटना के बाद वन अमले ने पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि देने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने सहायता राशि लेने से इनकार कर दिया। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। उनका कहना है कि इलाके में कई दिनों से भालुओं का विचरण हो रहा है।
रिहायशी इलाके में लगातार पहुंच रहे भालू
स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर और आसपास के इलाकों में भालू लगातार विचरण कर रहे हैं। सिद्ध बाबा घाटी के आसपास आधा दर्जन से ज्यादा भालुओं के मौजूद होने की बात वन विभाग की ओर से कही गई है। रिहायशी इलाके के करीब भालुओं के पहुंचने से लोगों में डर बना हुआ है।
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नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी इलाके में भी रात के समय दो भालुओं को घूमते देखा गया। इसके बाद वन विभाग का अमला अलर्ट हो गया है। टीम ने रात में पेट्रोलिंग कर भालुओं की तलाश भी की।
पिछले साल भी चला था भालू रेस्क्यू अभियान
मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में हर साल भालुओं के विचरण की घटनाएं सामने आती हैं। पिछले साल दिसंबर में रायपुर और सरगुजा से विशेषज्ञों की टीम बुलाकर एक मादा भालू को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा गया था। इसके बाद उसके दो शावक भी पिंजरे में फंस गए थे।
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बिलासपुर के कानन पेंडारी और एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर के विशेषज्ञों के साथ स्थानीय वन विभाग की टीम ने अभियान चलाकर मादा भालू और दोनों शावकों को रेस्क्यू किया था। इसके बाद भालुओं को सुरक्षित जंगल में छोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई थी।
वन विभाग के अनुसार, मौजूदा घटना के बाद क्षेत्र में भालू हमले (Bear Attack) को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। आबादी के करीब भालुओं की मौजूदगी को लेकर वन अमला लगातार नजर रख रहा है।
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