सीजी भास्कर, 17 सितंबर : सड़क पर लूटे और चोरी किए गए मोबाइल सीधे बाजार में नहीं पहुंचते थे। पहले उन्हें दूसरे राज्य भेजकर लॉक खोलने और पहचान बदलने की कोशिश की जाती थी। मोबाइल लूट नेटवर्क (Mobile Loot Syndicate) की जांच में सामने आया कि आईफोन और सैमसंग के कुछ मॉडल अनलॉक नहीं होने पर उनके मदरबोर्ड तक बदल दिए जाते थे।
- एक CCTV फुटेज से खुलती गई नेटवर्क की परतें
- जेल में बनी पहचान, फिर तैयार हुआ नेटवर्क
- दुकान की आड़ में मोबाइल का लॉक खोलने का आरोप
- लॉक नहीं खुला तो मदरबोर्ड बदलने का तरीका
- ओडिशा में बात नहीं बनी तो कोटा भेजते थे मोबाइल
- लुटेरे से लेकर तकनीकी मदद देने वाले तक पहुंचे
- 100 मोबाइल लूट और चोरी की वारदातों का खुलासा
- 14 मोबाइल और दो लैपटॉप जब्त
- पांच आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क की कड़ी रायपुर से ओडिशा और फिर राजस्थान के कोटा तक जुड़ी थी। कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने तीन राज्यों में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
यह भी पढ़ें : Vishwakarma Jayanti 2026 : मुख्यमंत्री साय ने की भगवान विश्वकर्मा की पूजा, श्रम और कौशल के सम्मान का दिया संदेश
एक CCTV फुटेज से खुलती गई नेटवर्क की परतें
मोबाइल लूट की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक फुटेज में संदिग्ध नजर आया। जांच के बाद उसकी पहचान रावाभाटा निवासी शहजाद अली उर्फ भिंडी के रूप में हुई। पुलिस ने शहजाद को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी मोबाइल लूट के मामले में जेल जा चुका है। पूछताछ में रायपुर में मोबाइल लूटने से लेकर दूसरे राज्यों में उन्हें खपाने वाले लोगों की जानकारी सामने आई।
यह भी पढ़ें : Kanker Bear Sighting : हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पेड़ पर आराम करता दिखा भालू
जेल में बनी पहचान, फिर तैयार हुआ नेटवर्क
शहजाद की निशानदेही पर पुलिस ने कैलाशपुरी और भाटागांव क्षेत्र से गौरव मझखंड और कृष दीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि रायपुर से लूटे और चोरी किए गए मोबाइल शहर में ही बेचने के बजाय दूसरे राज्यों में भेजे जाते थे।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल बस और अन्य माध्यमों से ओडिशा के राजखरीयार क्षेत्र के ग्राम तुकला निवासी भोदेव मेहर तक पहुंचते थे। इसके बाद मोबाइल को बाजार में बेचने लायक बनाने की प्रक्रिया शुरू होती थी।
यह भी पढ़ें : Kharora Chain Snatching Case : दिनदहाड़े महिला से चेन स्नेचिंग, रेस्टहाउस के सामने बाइक सवारों ने उड़ाई चेन
दुकान की आड़ में मोबाइल का लॉक खोलने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, भोदेव मेहर ओडिशा में मोबाइल की दुकान चलाता था। वह Unlock Tool जैसे सॉफ्टवेयर की मदद से चोरी और लूटे गए मोबाइल का लॉक खोलने का प्रयास करता था। इसके बाद मोबाइल को सेकंड हैंड फोन के तौर पर बेचने की कोशिश की जाती थी।
यह भी पढ़ें : Share Trading Fraud : शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 15 लाख की ठगी, CDSL की फर्जी रसीद देकर जीता भरोसा
यानी रायपुर से छीना गया मोबाइल ओडिशा पहुंचने के बाद उसकी मूल पहचान छिपाकर दोबारा बाजार में उतारने की कोशिश की जाती थी। पुलिस की जांच में लूटे मोबाइल की पहचान बदलने (Mobile Loot Syndicate) की यह कड़ी सामने आई है।
यह भी पढ़ें : BJP Leader Attack : भाजपा नेता पर चाकू से हमला कर भागा आरोपी, भाई की सूचना पर रायपुर स्टेशन से पकड़ा गया
लॉक नहीं खुला तो मदरबोर्ड बदलने का तरीका
पुलिस के अनुसार, आईफोन और सैमसंग के कुछ मॉडलों में सामान्य तरीके से लॉक नहीं खुलता था। ऐसे मोबाइलों में स्क्रैप से मंगाए गए स्पेयर मदरबोर्ड लगाए जाने की बात जांच में सामने आई है। मदरबोर्ड बदलकर मोबाइल की मूल पहचान को बदलने या उसे पहचानना मुश्किल बनाने का प्रयास किया जाता था। पुलिस अब जब्त मोबाइलों की भी जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें : Bhupesh Baghel : अंबिकापुर में बोले भूपेश बघेल, सरगुजा संभाग में कांग्रेस का 14-0 का दावा
ओडिशा में बात नहीं बनी तो कोटा भेजते थे मोबाइल
जिन मोबाइलों का लॉक ओडिशा में नहीं खुल पाता था, उन्हें राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा के पास भेजे जाने की जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस के मुताबिक, आकाश खुद को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताता था और ऐसे मोबाइलों का लॉक खोलने का काम करता था। इस तरह रायपुर-ओडिशा-कोटा नेटवर्क (Mobile Loot Syndicate) में मोबाइल की पूरी कड़ी अलग-अलग लोगों के जरिए आगे बढ़ाई जाती थी।
यह भी पढ़ें : Child Abuse Case : रायपुर में 8 साल की बच्ची से घर में घुसकर जबरदस्ती की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार
लुटेरे से लेकर तकनीकी मदद देने वाले तक पहुंचे
कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने जांच को केवल मोबाइल लूट करने वाले आरोपितों तक सीमित नहीं रखा। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड जांच के जरिए मोबाइल की पूरी सप्लाई चेन को खंगाला गया। पुलिस के अनुसार, लूट और चोरी करने वाले युवकों से लेकर मोबाइल ओडिशा पहुंचाने वाले नेटवर्क, लॉक खोलने वाले व्यक्ति और राजस्थान में तकनीकी मदद देने वाले आरोपित तक पुलिस पहुंची।
100 मोबाइल लूट और चोरी की वारदातों का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी और लूट की घटनाओं का खुलासा हुआ है। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
जांच में सामने आया मोबाइल लूट सिंडिकेट (Mobile Loot Syndicate) तीन राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस अब आरोपितों से जुड़े अन्य लोगों और मोबाइलों की जानकारी भी जुटा रही है।
यह भी पढ़ें : Korba Crime News : कोरबा में सूने घर का ताला तोड़कर चोरी, जेवर-नकदी पार; पास में लगा था गणेश पंडाल
14 मोबाइल और दो लैपटॉप जब्त
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही से 14 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप जब्त किए हैं। जब्त मोबाइल किन-किन लूट और चोरी के मामलों से जुड़े हैं, इसकी जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें : GPM Wife Murder Case : पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर भड़का पति, चाकू से गले पर वार कर हत्या; झाड़ियों में फेंका शव
पांच आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने शहजाद अली उर्फ भिंडी (32), गौरव मझखंड (26), कृष दीप (20), ओडिशा निवासी भोदेव मेहर (20) और राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा (27) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पांचों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य मामलों और संभावित आरोपितों की जानकारी जुटाई जा रही है।
खबरें और भी हैं : Kaun Banega Crorepati 18 : KBC 18 में अमिताभ बच्चन ने बताया अपना अधूरा सपना, बोले- संगीत न सीख पाने का है अफसोस



