सीजी भास्कर, 24 अगस्त। मोबाइल गुम होने के बाद जिन लोगों ने उसे दोबारा मिलने की उम्मीद (Mobile Recovery) छोड़ दी थी, उनके चेहरे उस वक्त खिल उठे जब रायगढ़ पुलिस ने उनके फोन तलाशकर वापस लौटा दिए। साइबर तकनीक और CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने पिछले तीन महीनों में 150 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं।
बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 37.50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। सत्यापन और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली।

Mobile Recovery के लिए तीन महीने तक चलाया गया अभियान
पुलिस के अनुसार जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम और चोरी हुए मोबाइल की शिकायतें CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई गई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी जुटाई और मोबाइलों की ट्रेसिंग शुरू की।
लगातार तकनीकी निगरानी के बाद तीन महीने के भीतर 150 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस टीम ने मोबाइलों की पहचान और वास्तविक मालिकों का सत्यापन करने के बाद उन्हें वापस सौंपने की कार्रवाई पूरी की।
बिहार से कोलकाता तक ट्रेस हुए रायगढ़ के मोबाइल
बरामद मोबाइल सिर्फ रायगढ़ जिले में ही नहीं मिले। पुलिस की तकनीकी जांच में कई मोबाइल दूसरे राज्यों और अलग-अलग शहरों में इस्तेमाल होते मिले।
इनमें बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं। संबंधित उपयोगकर्ताओं से संपर्क कर पुलिस ने मोबाइल वापस प्राप्त किए।
कई नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन मिले
बरामद मोबाइलों में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला समेत कई कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।
साइबर टीम ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइलों की पहचान की और संबंधित उपयोगकर्ताओं से संपर्क किया। जरूरी जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
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मोबाइल वापस मिलते ही खिल उठे लोगों के चेहरे
कई लोगों को लंबे समय से अपने गुम मोबाइल के मिलने की उम्मीद नहीं थी। ऐसे में जब पुलिस ने फोन बरामद कर उन्हें वापस बुलाया तो लोगों ने खुशी जाहिर की।
मोबाइल वापस मिलने से खासकर उन लोगों को राहत मिली, जिनके फोन में जरूरी दस्तावेज, संपर्क नंबर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद थी। लोगों ने साइबर टीम और रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की।
गुम या चोरी होते ही तुरंत करें शिकायत
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
इसके साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक करने और ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को मोबाइल की लोकेशन और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाने में मदद मिलती है।
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बैंकिंग और सोशल मीडिया अकाउंट भी तुरंत करें सुरक्षित
पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में यदि उसमें बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट लॉग इन हैं तो संबंधित पासवर्ड तत्काल बदल दें।
इससे व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खातों के गलत इस्तेमाल का खतरा कम किया जा सकता है। पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि किसी दूसरे व्यक्ति का मिला हुआ मोबाइल अपने इस्तेमाल में न लें और उसे तत्काल पुलिस के हवाले करें।
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