सीजी भास्कर, 24 अगस्त। नासिक में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों और उसके लिए तय हजारों करोड़ रुपये के बजट के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीवी वराले की टिप्पणी (Kumbh Budget) चर्चा में आ गई है। उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए तय राशि का केवल 0.1 प्रतिशत हिस्सा भी मराठी माध्यम के स्कूलों पर खर्च किया जाता तो कई स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था।
जस्टिस वराले ने महाराष्ट्र में फंड की कमी से जूझ रहे स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में बजट और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

Kumbh Budget को लेकर जस्टिस वराले ने उठाया सवाल
एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस पीवी वराले ने कहा कि नासिक कुंभ के लिए हजारों करोड़ रुपये की राशि बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बड़ी राशि का केवल 0.1 प्रतिशत हिस्सा भी मराठी माध्यम के स्कूलों के लिए इस्तेमाल किया जाता तो तस्वीर अलग हो सकती थी।
उनके अनुसार इतनी राशि से करीब 100 से 150 स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था। उन्होंने शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
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फंड की कमी से 100 स्कूलों के सामने संकट
जस्टिस वराले ने कहा कि महाराष्ट्र में फंड की कमी के कारण करीब 100 मराठी माध्यम के स्कूल बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। उन्होंने स्कूलों की मौजूदा व्यवस्था और संसाधनों की कमी पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि स्कूलों की स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां बच्चों की शिक्षा बुनियादी सुविधाओं और पर्याप्त बजट की कमी से प्रभावित हो रही है।
शिक्षा बजट में गिरावट को बताया चिंताजनक
सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि पहले शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन 8 से 12 प्रतिशत के बीच रहता था, लेकिन अब इसमें गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताई।
उन्होंने आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही। जस्टिस वराले ने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों की सुरक्षा और रहने की बुनियादी व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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तीन छात्राओं की मौत की घटना का किया जिक्र Kumbh Budget
जस्टिस वराले ने एक घटना का जिक्र करते हुए स्कूल और छात्रावासों की खराब व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर तीन छात्राएं फर्श पर सो रही थीं और सांप के काटने से उनकी मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षा संस्थानों की बदहाल व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने लाती हैं। इस तरह की स्थिति को सुधारने के लिए पर्याप्त संसाधन और बेहतर व्यवस्था जरूरी है।
नासिक कुंभ के लिए हजारों करोड़ रुपये की तैयारी
नासिक में वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है, जिसके लिए तैयारियां शुरू (Kumbh Budget) हो चुकी हैं। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार कुंभ के विकास प्लान पर करीब 22 हजार 425 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने हैं।
वहीं स्थायी और अस्थायी विकास कार्यों के लिए करीब 34 हजार 732 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कुंभ में करीब 12 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है, जबकि रेलवे के अनुमान के मुताबिक लगभग 3 करोड़ श्रद्धालु ट्रेन के जरिए नासिक पहुंच सकते हैं।
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कौन हैं जस्टिस पीवी वराले
जस्टिस पीवी वराले का जन्म निप्पाणी में हुआ था। वह वर्ष 2024 से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश हैं और जून 2027 में उनके सेवानिवृत्त होने की संभावना है।
सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति से पहले वह कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के नांदेड़, लातूर और नासिक से शुरुआती शिक्षा हासिल की, इसके बाद कानून की पढ़ाई की और वर्ष 2008 में बॉम्बे हाई कोर्ट के जज नियुक्त हुए।
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