सीजी भास्कर, 24 अगस्त। सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने और अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ चल (Police Suspension) रही कार्रवाई के बीच आरोपी को छुड़ाने का दबाव बनाना दो आरक्षकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि दोनों ने कार्रवाई कर रहे प्रधान आरक्षक पर आरोपी को छोड़ने के लिए दबाव बनाया और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया। दोनों को रक्षित केंद्र दुर्ग से संबद्ध किया गया है और मामले की प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

Police Suspension के बाद विभाग में मची हलचल
कार्रवाई छावनी और खुर्सीपार थाना क्षेत्र से जुड़े दो आरक्षकों पर की गई है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने छावनी थाना में पदस्थ आरक्षक सोनू चौहान और खुर्सीपार थाना में पदस्थ आरक्षक चंद्रभान चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
दोनों पर सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने और अड्डेबाजी करने वाले एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई रुकवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
यह भी पढ़ें : Kasdol Fire : कसडोल में कपड़ों की दुकान बनी आग का गोला, दो घंटे तक जूझी फायर ब्रिगेड, 50 लाख से ज्यादा का नुकसान
आरोपी को छोड़ने के लिए प्रधान आरक्षक पर बनाया दबाव
जानकारी के अनुसार, खुर्सीपार थाना क्षेत्र में प्रधान आरक्षक रामनारायण यदु सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने और अड्डेबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे।
इसी दौरान कार्रवाई की जद में आए एक आरोपी को छोड़ने के लिए दोनों आरक्षकों ने प्रधान आरक्षक पर दबाव बनाया। आरोप है कि उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात कही और प्रधान आरक्षक के साथ अभद्र व्यवहार भी किया।
थाना प्रभारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को दी जानकारी
घटना के बाद प्रधान आरक्षक रामनारायण यदु ने मामले की जानकारी थाना प्रभारी लक्ष्मण केंवट को दी। मामला पुलिस विभाग के अनुशासन और कार्रवाई में हस्तक्षेप से जुड़ा होने के कारण इसकी गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
यह भी पढ़ें : Kumbh Budget : कुंभ के बजट का सिर्फ 0.1 फीसदी स्कूलों पर खर्च होता तो बदल जाती तस्वीर, सुप्रीम कोर्ट जज की टिप्पणी
एसएसपी विजय अग्रवाल ने लिया तत्काल एक्शन
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश के बाद दोनों को रक्षित केंद्र, दुर्ग से संबद्ध किया गया है।
एसएसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है। मामले में दोनों आरक्षकों के आचरण और आरोपी के पक्ष में दबाव बनाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
24 घंटे के भीतर मांगी गई जांच रिपोर्ट
एसएसपी ने रक्षित निरीक्षक को दोनों आरक्षकों के खिलाफ प्राथमिक जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल दोनों आरक्षकों पर अनुशासनहीनता और प्रधान आरक्षक पर अनुचित दबाव बनाने के आरोपों की जांच जारी है।
यह भी पढ़ें : Toxic Advance Booking : रिलीज से पहले ही टॉक्सिक का धमाका, 6.7 लाख टिकट बिके, एडवांस बुकिंग में करोड़ों की कमाई
जांच के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई
प्राथमिक जांच में पूरे घटनाक्रम और दोनों आरक्षकों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। आरोपी को छोड़ने के लिए दबाव बनाने और प्रधान आरक्षक के साथ कथित अभद्रता से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दोनों आरक्षक निलंबित हैं और मामले की जांच जारी है।
खबरें और भी हैं : Kainchi Dham Bridge : कैंची धाम में बन रहा ॐ आकार का पुल क्यों बना विवाद की वजह, डिजाइन से लेकर ऊंचाई तक उठे सवाल



