सीजी भास्कर, 17 सितंबर : शेयर मार्केट में निवेश कर रकम बढ़ाने और पत्नी के डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर करने का झांसा देकर परिचित से करीब 15 लाख रुपये की कथित ठगी (Share Trading Fraud) का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने शेयर ट्रांसफर के नाम पर सीडीएसएल की कथित फर्जी रसीद और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। शिकायत के आधार पर छावनी पुलिस ने यतेंद्र सिंह डहरिया के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
10 साल पुरानी पहचान का उठाया भरोसा
मैत्री नगर रिसाली निवासी अभिषेक जैन ने पुलिस को बताया कि वह ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है और यतेंद्र सिंह डहरिया को करीब 10 वर्षों से जानता है। यतेंद्र खुद को शेयर मार्केट और गोल्ड लोन का कारोबारी बताता था। शिकायत में उसके कार्यालय में यूनिक इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज तथा एनवाई इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के नाम से कारोबार संचालित किए जाने का भी उल्लेख है।
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शिकायत के अनुसार मार्च 2024 में यतेंद्र के कहने पर अभिषेक ने अपनी पत्नी के बैंक खाते से करीब 13 लाख रुपये और पिता अशोक जैन के माध्यम से 2.50 लाख रुपये दिए। आरोप है कि यह रकम शेयर मार्केट में निवेश करने और सुरक्षित रखने के नाम पर ली गई थी। अभिषेक ने अपना कार्यालय भी यतेंद्र को किराए पर दिया था। किराया और बिजली बिल मिलाकर करीब 2.41 लाख रुपये बकाया होने की बात भी शिकायत में कही गई है। इस रकम को भी शेयर मार्केट में निवेश करने का भरोसा दिया गया।
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रकम वापस मांगी तो डीमैट खाते में शेयर देने का झांसा
पिता की मृत्यु के बाद फरवरी 2026 में अभिषेक को पैसों की जरूरत पड़ी। उसने यतेंद्र से रकम वापस मांगी। आरोप है कि इसके बाद यतेंद्र ने खुद को मोतीलाल ओसवाल का सब-ब्रोकर/एजेंट बताते हुए अभिषेक की पत्नी निकिता जैन के नाम डीमैट खाता खोलकर शेयर ट्रेडिंग करने की बात कही।
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बाद में अभिषेक को जानकारी मिली कि यतेंद्र कंपनी का अधिकृत सब-ब्रोकर या एजेंट नहीं था। शिकायत के अनुसार 8 अप्रैल 2026 को यतेंद्र ने अभिषेक के डॉर्मेंट डीमैट खाते से पत्नी के खाते में शेयर ट्रांसफर करने की बात कही। इसके बाद उसने सीडीएसएल के नाम से रसीद और कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए।
CDSL की कथित फर्जी रसीद से खुला राज
अभिषेक ने जब शेयर ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराया तो खाते में शेयर ट्रांसफर की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उसे दस्तावेजों पर संदेह हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीडीएसएल की कथित फर्जी रसीद (CDSL Fake Receipt) और दस्तावेज देकर उसका भरोसा जीता गया था।
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10 और 5 लाख के चेक दिए, फिर बंद करा दिया खाता
शेयर ट्रांसफर की जानकारी नहीं मिलने के बाद यतेंद्र ने अभिषेक को 10 लाख और पांच लाख रुपये के दो चेक दिए। आरोप है कि चेक जारी करने से पहले ही संबंधित यूनियन बैंक का खाता बंद करा दिया गया था। इसके चलते दोनों चेक बाउंस हो गए।
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शिकायत में मई के अंतिम सप्ताह में तीन लाख रुपये लौटाने की बात भी कही गई है। हालांकि पूरी रकम वापस नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद अभिषेक ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध, जांच शुरू
शिकायत के आधार पर छावनी पुलिस ने यतेंद्र सिंह डहरिया के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 340(2) के तहत अपराध दर्ज (Share Trading Fraud) किया है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, चेक, डीमैट खाते से जुड़े दस्तावेज, कथित सीडीएसएल रसीद और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
फिलहाल मामला शिकायत और पुलिस में दर्ज अपराध के स्तर पर है। यतेंद्र सिंह डहरिया पर लगाए गए आरोप जांच के बाद ही साबित होंगे। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि रकम किस उद्देश्य से ली गई और शेयर ट्रांसफर तथा सीडीएसएल दस्तावेजों से जुड़े दावों की वास्तविकता क्या है।
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