सीजी भास्कर, 17 सितम्बर। झीरम घाटी हमले के मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। 2013 में कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों की हत्या के मामले में जगदलपुर की NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें 8 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं। (Jhiram Valley Death Sentence)
करीब 13 साल चली सुनवाई के बाद आया फैसला : Jhiram Valley Death Sentence
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कई लोगों की जान गई थी।
करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और कई दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे गए। अभियोजन पक्ष ने दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने सजा कम करने की दलील दी।

दोषियों को 30 दिन में हाईकोर्ट अपील का अधिकार
कोर्ट के फैसले के मुताबिक, फांसी की सजा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लागू होगी। तब तक सभी दोषी जगदलपुर सेंट्रल जेल में रहेंगे। दोषियों को 30 दिन के भीतर हाईकोर्ट में अपील करने का अधिकार है।
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कोसा के परिजनों ने नक्सली होने से किया इनकार : Jhiram Valley Death Sentence
वहीं, एक दोषी कोसा के परिजनों ने उसके नक्सली होने से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी के समय कोसा घर पर खाना बना रहा था।
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अब हाईकोर्ट में होगी आगे की कानूनी प्रक्रिया
इसके जवाब में अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि कोर्ट आरोपों पर नहीं, बल्कि सबूतों के आधार पर फैसला करता है। उनके मुताबिक, NIA की ओर से पेश दस्तावेजों और 101 गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने यह सजा सुनाई है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हाईकोर्ट में होगी।
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