सीजी भास्कर, 22 सितंबर : दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा में भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया (Kamdhenu University Recruitment) में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने की बात सामने आई है।
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जांच के बीच भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सवाल
मंत्री की नोटशीट में विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख करते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आरक्षण और रोस्टर निर्धारण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, पदोन्नति और स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों पर भर्ती जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। शिकायतों में विज्ञापित पदों, विभागवार पदों के निर्धारण और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य प्रशासनिक बिंदुओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच के दौरान भर्ती (Kamdhenu University Recruitment) को लेकर अब शासन के निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मंत्री की नोटशीट में भर्ती रोकने का निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री रामविचार नेताम ने उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, नोटशीट में जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने का निर्देश भी दर्ज है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में पूर्व में जारी भर्ती विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है। भर्ती प्रक्रिया पर विवाद (Kamdhenu University Recruitment) का यही पहलू अब पूरे मामले का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
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विधायक ने 19 अगस्त को राज्यपाल को लिखा पत्र
मामले को लेकर दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित चंद्राकर ने 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को पत्र भेजा था। पत्र में विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई गई। विधायक ने भर्ती प्रक्रिया राज्य लोक सेवा आयोग या किसी अन्य प्रदेश स्तरीय एजेंसी के माध्यम से कराने का अनुरोध किया है। राज्यपाल से शिकायत (Kamdhenu University Recruitment) के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
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आरक्षण और बैकलॉग समेत कई मुद्दे उठे
शिकायतों में आरक्षण रोस्टर, बैकलॉग पदों की भर्ती, पदोन्नति और स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों पर विज्ञापन जारी करने जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा वेतन संरक्षण, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति और विभागवार पदों के निर्धारण से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं। ऐसे में भर्ती में कथित अनियमितता (Kamdhenu University Recruitment) की जांच पूरी होने तक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।
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जांच पूरी होने तक प्रक्रिया रोकने की मांग
मामले में अब मुख्य सवाल शासन के निर्देशों के अनुपालन को लेकर है। एक ओर उच्चस्तरीय जांच के निर्देश और जांच पूरी होने तक भर्ती स्थगित रखने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर भर्ती विज्ञापन से जुड़ी कार्रवाई आगे बढ़ने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर विश्वविद्यालय और शासन की ओर से आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। कामधेनु विश्वविद्यालय भर्ती विवाद (Kamdhenu University Recruitment) में जांच के निष्कर्ष और शासन के अगले निर्देश पर अब नजर रहेगी।
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