सीजी भास्कर, 24 सितंबर। पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26.87 लाख रुपए के अनाधिकृत लेनदेन के मामले में मुंगेली पुलिस ने बैंक के एक लिपिक को गिरफ्तार (Bank Fraud) किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा के संबंधित शासकीय खाते से 30 सितंबर से 8 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 7 बार लेनदेन किया गया। इसमें कुल 26 लाख 87 हजार रुपए की राशि का अनाधिकृत अंतरण पाया गया।

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बैंक लिपिक पर कार्रवाई Bank Fraud
जांच में आरोपी टिकेश कुमार, निवासी ग्राम खैरवाही, जिला कांकेर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक वह 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में लिपिक के पद पर पदस्थ था।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन और राशि अंतरण से जुड़े बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी थी।
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व्यक्तिगत खाते में भी भेजी गई राशि
विवेचना के अनुसार 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर को एक अन्य खाते में 9.19 लाख और 9.18 लाख रुपए का अंतरण किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 253/2026 में बीएनएस की धारा 318(4) और 316(5) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया गया और 24 सितंबर को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
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पुलिस के अनुसार मामले में बैंकिंग दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है। कार्रवाई में सिटी कोतवाली प्रभारी कार्तिकेश्वर जांगड़े सहित पुलिस टीम की भूमिका रही।
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रिपोर्टर – मनुराज सिंह



