सीजी भास्कर, 05 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़े मतदान को लेकर एक बड़ी तस्वीर सामने (Chhattisgarh Voter List) रखते हैं। हर चुनाव में लाखों मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज रहे, लेकिन वे वोट डालने मतदान केंद्र तक नहीं पहुंचे। आंकड़ों के मुताबिक पांच चुनावों में औसतन करीब 43 लाख मतदाताओं ने मतदान नहीं किया।
इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की मानी जाती है, जो रोजगार, नौकरी या अन्य कारणों से अपने गांव और शहर से बाहर चले गए हैं। कई लोग दूसरी जगह स्थायी रूप से बसने के बाद भी पुराने पते की मतदाता सूची में दर्ज रहते हैं। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में मतदान को लेकर उदासीनता भी एक वजह बताई जाती है।

शहरों में मतदान से दूरी Chhattisgarh Voter List
मतदान नहीं करने वालों में एक वर्ग ऐसा भी है, जो चुनाव के दिन जानबूझकर मतदान केंद्र नहीं जाता। खासकर शहरी इलाकों में कई मतदाता वोट डालने को लेकर ज्यादा सक्रिय नहीं रहते।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सुशील त्रिवेदी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मतदान प्रतिशत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण और बस्तर क्षेत्रों में मतदान अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है, जबकि शहरी इलाकों में अब भी बड़ी संख्या में लोग मतदान नहीं करते। पिछले कुछ चुनावों में महिलाओं के मतदान प्रतिशत में भी वृद्धि देखने को मिली है।
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6.42 लाख मृत मतदाताओं के नाम हटे
मतदाता सूची में ऐसे लोगों के नाम भी लंबे समय तक बने रहते हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। कई मामलों में परिवार की ओर से सूचना नहीं दिए जाने के कारण नाम हट नहीं पाता।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में 6 लाख 42 हजार 234 मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। कुल 24.99 लाख नाम हटाए जाने के बाद करीब 19.13 लाख नामों का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है।
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19.13 लाख नामों का होगा सत्यापन
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत जिला निर्वाचन अधिकारी पहले की मतदाता सूची और अंतिम ड्राफ्ट रोल के बीच हटाए गए नामों की पहचान करेंगे। इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ मिलकर ऐसे मतदाताओं के घर पहुंचेंगे।
जांच में पात्र पाए जाने वाले लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इसी प्रक्रिया के दौरान 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम भी सूची में जोड़े जाएंगे।
इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और वास्तविक मतदान प्रतिशत का आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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