सीजी भास्कर, 05 अक्टूबर। साइबर ठगी की अवैध रकम को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह पर दुर्ग पुलिस ने बड़ा प्रहार (Cyber Fraud) किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी, नेवई, भिलाई नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 14 खाताधारकों व एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, सिम और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

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2-15 हजार कमीशन के लालच में बेचे खाते Cyber Fraud
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महज 2 हजार से 15 हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपने व अन्य लोगों के बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर ठगों को सौंप देते थे। इन खातों में साइबर धोखाधड़ी से जुटाए गए लाखों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की पुष्टि तकनीकी विश्लेषण से हुई है।
तीन थानों में दर्ज हुआ केस
पुलिस ने थाना छावनी, थाना नेवई और थाना भिलाई नगर में बीएनएस की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के अंतर्गत कानूनी (Cyber Fraud) कार्रवाई की है।
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गिरफ्तार आरोपियों में भिलाई नगर क्षेत्र चिरंजीवी कुमार (32), शिखर चौधरी (26), इन्द्र प्रकाश गुप्ता (32),
छावनी थाना क्षेत्र से सागर तेलगोटे (21), भानुप्रताप सिंह (30), विजेन्द्र शर्मा (36) और नेवई से नवीन राठौर (24), घनश्याम साहू (24), शुभम जसवाल (30), शुभम कलेत (32), खिलेन्द्र कुमार देशमुख (27), हरिओम देवांगन (24), पोषण लाल देशमुख (20) और कविता खापर्डे (55) शामिल है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को सचेत किया है कि किसी भी प्रलोभन या कमीशन के चक्कर में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अज्ञात व्यक्ति को न दें। खाते में होने वाले हर अवैध लेन-देन की प्राथमिक जिम्मेदारी खाताधारक की होगी और वह भी सीधे कानूनी कार्रवाई के दायरे (Cyber Fraud) में आएगा। खाता दुरुपयोग की आशंका होने पर तुरंत बैंक और नजदीकी थाने अथवा साइबर पोर्टल पर सूचना दें।
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