सीजी भास्कर, 6 अक्टूबर : सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के बीच हजारों पदों पर भर्ती का रास्ता खुलने की उम्मीद जगी है। चार साल पहले स्वीकृत पदों पर अब तक भर्ती नहीं हो सकी है। इससे अस्पतालों में मौजूद कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
अब इन पदों पर सीधी भर्ती कर्मचारी चयन मंडल यानी व्यापमं के जरिए कराने की तैयारी है। हालांकि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले 6300 से ज्यादा पदों की भर्ती (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) के लिए आरक्षण रोस्टर तय करना जरूरी है। इसी प्रक्रिया में देरी के कारण भर्ती लंबे समय से अटकी हुई है।
10 मेडिकल कॉलेजों में संकट
प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के 6300 से ज्यादा पद खाली हैं। स्टाफ की कमी का सीधा असर अस्पतालों के कामकाज पर पड़ रहा है। इस साल शुरू हुए पांच नए मेडिकल कॉलेजों के लिए भी नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के पद स्वीकृत किए गए हैं। इन्हें जोड़ने के बाद कुल रिक्त पदों की संख्या 7500 से ज्यादा (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) पहुंचने की संभावना है।
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चार साल से भर्ती अधर में
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों में एक साथ भर्ती कराने के लिए वर्ष 2022 में योजना तैयार की थी। शासन से इसकी मंजूरी भी मिल गई थी। डीएमई कार्यालय के प्रस्ताव के आधार पर व्यापमं को सीधी भर्ती के लिए हरी झंडी दी गई थी। इसके बावजूद भर्ती आगे नहीं बढ़ सकी। मुख्य अड़चन आरक्षण रोस्टर को लेकर है। किस स्तर के रोस्टर का पालन किया जाना है, इसे लेकर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। लंबित भर्ती प्रक्रिया (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) के कारण लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
अस्थायी स्टाफ से काम
स्थायी पद खाली होने के कारण कई अस्पतालों में दैनिक वेतनभोगी और संविदा व्यवस्था के जरिए काम चलाया जा रहा है। स्टाफ नर्सों की सेवाएं कलेक्टर दर पर भी ली जा रही हैं। इसके बावजूद कई अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी बनी हुई है। कम कर्मचारियों पर ज्यादा मरीजों की जिम्मेदारी होने से वर्कलोड बढ़ रहा है। इसका असर मरीजों और उनके परिजनों की सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
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रेडियोग्राफर से वार्ड बॉय तक
प्रस्तावित भर्ती में सिर्फ स्टाफ नर्स ही नहीं, बल्कि कई अन्य पद भी शामिल हैं। इनमें रेडियोग्राफर, ओटी टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, वार्ड बॉय और आया समेत अन्य पद शामिल हैं। पिछले साल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में स्थानीय स्तर पर होने वाली भर्ती को भी रद्द किया गया था। अब वहां के रिक्त पदों पर भी व्यापम से भर्ती (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) किए जाने की तैयारी है। नियमित और संविदा भर्ती में आरक्षण रोस्टर का पालन अनिवार्य है। इसी वजह से रोस्टर तय होने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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एक कॉलेज में 795 पद
राज्य शासन ने एक मेडिकल कॉलेज के लिए 324 और उससे संबद्ध अस्पताल के लिए 471 पद स्वीकृत किए हैं। यानी कुल 795 पदों पर भर्ती का प्रावधान है। कुछ कॉलेज और अस्पतालों में 825 पदों तक भर्ती की जाएगी। भर्ती होने के बाद नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पदों की संख्या में बड़ी कमी आ सकती है। हालांकि भर्ती की तारीख (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) अभी स्पष्ट नहीं है। विभागीय स्तर पर रोस्टर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति साफ होगी।
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हजारों अभ्यर्थियों को इंतजार
चार साल से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए व्यापमं के जरिए सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू होना बड़ा अवसर होगा। वहीं सरकारी अस्पतालों में खाली पद भरने से मौजूदा कर्मचारियों का वर्कलोड कम होने और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरक्षण रोस्टर कब तक तय होगा और 6300 से ज्यादा पदों पर भर्ती (Nursing Recruitment in Chhattisgarh) कब शुरू होगी। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भर्ती की स्पष्ट समयसीमा सामने आएगी।



