सीजी भास्कर, 13 अक्टूबर : बेजुबान वन्यजीव की जान बचाने के लिए सरगुजा के स्नेकमैन सत्यम द्विवेदी ने मिसाल पेश की है। अंबिकापुर में रेस्क्यू किए गए विशाल भारतीय अजगर (Python Surgery) के मुंह में ट्यूमर मिला था। उसकी जान बचाने के लिए सत्यम उसे करीब 250 किलोमीटर दूर बिलासपुर लेकर पहुंचे। यहां विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पीयूष दुबे ने करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन कर ट्यूमर निकाल दिया। फिलहाल अजगर की हालत पर नजर रखी जा रही है।
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मुंह में मिला ट्यूमर
सत्यम द्विवेदी ने बताया कि अजगर के रेस्क्यू के बाद उसके मुंह में ट्यूमर होने की जानकारी मिली। इससे उसकी जान को खतरा हो सकता था। बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों से परामर्श लिया गया। इसके बाद सत्यम ने उसे बिलासपुर ले जाकर उपचार कराने का फैसला किया। इस तरह अजगर को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराने की पहल की गई।
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तीन घंटे चला ऑपरेशन
बिलासपुर में वन्यजीवों के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. पीयूष दुबे ने अजगर की जटिल सर्जरी की। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में उसके मुंह से ट्यूमर निकाला गया। इस सर्जरी (Python Surgery) **के बाद अजगर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उसकी सेहत में सुधार और पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार है।
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स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ेंगे
सत्यम द्विवेदी को सरगुजा में ‘स्नेकमैन ऑफ सरगुजा’ के नाम से जाना जाता है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाले सत्यम ने अजगर को इलाज दिलाने के लिए लंबी दूरी तय की। सफल ऑपरेशन (Python Surgery) **के बाद अब उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित पाए जाने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की योजना है।
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वन्यजीव संरक्षण की मिसाल
बीमार या घायल वन्यजीवों को समय पर विशेषज्ञ उपचार दिलाना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में अजगर को अंबिकापुर से बिलासपुर पहुंचाकर उसकी सर्जरी कराना वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस अजगर की सर्जरी (Python Surgery) **से उसे स्वस्थ होने का अवसर मिला है। अब उसके पूरी तरह ठीक होने के बाद ही उसे जंगल में छोड़ा जाएगा।



