सीजी भास्कर, 14 अक्टूबर : दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने और रोक संबंधी आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप में कार्रवाई की है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन (CJP Protest) के मामले में अजिंक्य शिंदे समेत संगठन के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
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पुलिस ने दर्ज की FIR
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह CJP के कुछ सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने रोक संबंधी आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और मामले में प्राथमिकी दर्ज की। संगठन का दावा है कि उसके करीब 11 सदस्यों को पुलिस अपने साथ ले गई थी। हाल ही में जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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संस्थापक ने उठाए सवाल
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्रवाई की जानकारी साझा की। वहीं, संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि आशुतोष रांका और सौरव दास को तिरंगा फहराने के कारण हिरासत में भेजा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया। ये दावे संगठन के संस्थापक की प्रतिक्रिया हैं।
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वकील ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए
आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश वकील अभिष्ट हेला ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, पुलिस ने आशंका जताई कि आरोपी कोई अपराध कर सकते हैं, जिसके आधार पर उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। वकील ने यह भी दावा किया कि उनके मुवक्किलों ने लोगों को जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान नहीं किया था और न ही बॉन्ड का उल्लंघन किया था।
वकील ने कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसका इस मामले में गलत इस्तेमाल किया गया। CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत (CJP Protest) के मामले में पुलिस और बचाव पक्ष के दावों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्थिति स्पष्ट होगी।



