सीजी भास्कर, 12 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या और रेप के मामले में अदालत ने वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों को अहम माना। मामले में चश्मदीद गवाह नहीं होने के बावजूद पुलिस ने फॉरेंसिक जांच, DNA रिपोर्ट, फिंगरप्रिंट और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पेश किए। (Surajpur Double Murder Rape Case)
- किचन में मिले बाल, रेलिंग के निशान बने अहम कड़ी : Surajpur Double Murder Rape Case
- कुलदीप ने लगाया झूठे केस में फंसाने का आरोप
- जिलाबदर के बावजूद शहर में मौजूदगी का आरोप
- 51 गवाहों के बयान, चार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य : Surajpur Double Murder Rape Case
- फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट में प्रक्रिया
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किचन में मिले बाल, रेलिंग के निशान बने अहम कड़ी : Surajpur Double Murder Rape Case
जांच के दौरान घटनास्थल की किचन से मिले बाल, सीढ़ियों की रेलिंग पर मिले फिंगरप्रिंट और कपड़ों पर मौजूद खून के निशानों की जांच की गई। चार्जशीट के मुताबिक, DNA जांच में मिले नमूनों का आरोपियों से मिलान हुआ। वहीं, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने रेलिंग पर मिले निशानों को मुख्य आरोपी कुलदीप साहू से जुड़ा बताया।
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कुलदीप ने लगाया झूठे केस में फंसाने का आरोप
कुलदीप साहू ने दावा किया कि पुलिस ने घटना (Surajpur Double Murder Rape Case) के दिन उसे हिरासत में रखकर उसके खून, स्पर्म, बाल और फिंगरप्रिंट के नमूने लिए, ताकि उसे झूठे मामले में फंसाया जा सके। हालांकि, अदालत ने बचाव पक्ष की इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
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जिलाबदर के बावजूद शहर में मौजूदगी का आरोप
चार्जशीट के अनुसार, कुलदीप साहू जिलाबदर के आदेश के बावजूद शहर में घूम रहा था। आरोप (Surajpur Double Murder Rape Case) है कि वारदात वाली रात उसने चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर खौलता तेल फेंका और भागते समय फायरिंग की। इसके बाद पुरानी रंजिश के चलते वह साथियों के साथ पुलिसकर्मी के घर पहुंचा।
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51 गवाहों के बयान, चार आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य : Surajpur Double Murder Rape Case
मामले (Surajpur Double Murder Rape Case) की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 51 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की। बचाव पक्ष ने नमूने लेने की प्रक्रिया, आरोपियों की मौजूदगी और कपड़ों से जुड़े साक्ष्यों पर सवाल उठाए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। रिपोर्ट के मुताबिक, सूरज साहू को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर दोषमुक्त किया गया।
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फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट में प्रक्रिया
मामले में दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर भेजे गए हैं। तीनों आरोपियों के रायपुर सेंट्रल जेल में बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले (Surajpur Double Murder Rape Case) में DNA, फिंगरप्रिंट और डिजिटल साक्ष्य जांच की अहम कड़ियां बने।
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