सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर। ऑनलाइन सट्टेबाजी के अवैध लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह के 2 लोगों को सुपेला पुलिस (Bhilai Betting Racket) ने गिरफ्तार किया है। दाऊ बाड़ा तालाब के समीप घेराबंदी कर पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा, जो कमीशन के लालच में अन्य राज्यों के बैंक खातों का सौदा कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों के पास से 4 स्मार्टफोन, 3 एटीएम कार्ड और एक बैंक पासबुक बरामद की गई है।
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सुपेला थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि सट्टा नेटवर्क के लिए बैंक खातों का सौदा करने वाले दो संदिग्ध दाऊ बाड़ा तालाब के पास सक्रिय हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कृष्णा नगर निवासी नीरज गायकवाड़ (25) और सतनामी पारा निवासी अंशु साव (22) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने संगठित तरीके से बैंक खातों की खरीद-बिक्री की बात कबूल कर ली।

कमीशन पर चल रहा था खातों का खेल Bhilai Betting Racket
जांच में सामने आया कि गिरोह की कड़ी कई स्तरों पर जुड़ी थी। आरोपी अंशु साव ने ये खाते करण सागरिया नामक व्यक्ति से 80 हजार रुपये में खरीदे थे, जिन्हें उसने 88 हजार रुपये में नीरज गायकवाड़ को सौंप दिया। इसके बाद नीरज ने आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के ये चारों खाते 1 लाख रुपये में सिकंदर नामक सट्टा संचालक को बेच दिए। इतना ही नहीं, नीरज खुद भी एक खाते और क्यूआर कोड के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन संभाल रहा था, जिसके एवज में उसे 25 हजार रुपये प्रति माह का बंधी-बंधाई कमीशन मिल रहा था।
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न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े सिकंदर, करण और मूल खाताधारकों की तलाश में जुटी है।
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