सीजी भास्कर, 16 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और जांच (CWSN Screening Negligence) में लापरवाही सामने आई है। प्रशस्त ऐप के जरिए बच्चों की प्राथमिक स्क्रीनिंग और डिजिटल ट्रैकिंग के अभियान में आठ जिलों की प्रगति कमजोर पाई गई है। इनमें राजनांदगांव, दुर्ग, नारायणपुर और सुकमा समेत अन्य जिले शामिल हैं। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की समीक्षा में नाराजगी जताते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और मिशन समन्वयकों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नारायणपुर-सुकमा सबसे पीछे
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, नारायणपुर में अब तक केवल 395 और सुकमा में 598 विद्यार्थियों की प्राथमिक स्क्रीनिंग हुई है। वहीं, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 778, राजनांदगांव में 1121 और कोरिया में 1679 विद्यार्थियों की जांच की गई है। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1762, मुंगेली में 3885 और दुर्ग में 4631 विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग हुई है। इन जिलों में स्क्रीनिंग (CWSN Screening Report) की प्रगति को अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया है।
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बिना प्रमाणपत्र भी जांच
अब दिव्यांगता प्रमाणपत्र नहीं होने पर भी बच्चों की प्राथमिक जांच की जाएगी। समग्र शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, जिन बच्चों के प्रमाणपत्र नहीं बने हैं, उनकी स्क्रीनिंग भी बिना देरी शुरू करनी होगी। इससे जरूरतमंद बच्चों की पहचान में प्रमाणपत्र की कमी बाधा नहीं बनेगी। विभाग ने प्रशस्त ऐप (Prashast App Screening) पर उपलब्ध प्रशिक्षण वीडियो देखना भी अनिवार्य किया है।
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रोज होगी मॉनिटरिंग
पिछड़े जिलों में ब्लॉक और संकुल स्तर पर हर दिन समीक्षा की जाएगी। संकुल प्राचार्यों और समन्वयकों को सात दिन के भीतर संयुक्त हस्ताक्षर से कार्य पूर्णता का प्रमाणपत्र जमा करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारियों और मिशन समन्वयकों को तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्क्रीनिंग (CWSN Screening Drive) की नियमित निगरानी के जरिए प्रगति में तेजी लाने की तैयारी है।
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पांच जिलों का प्रदर्शन बेहतर
रिपोर्ट में पांच जिलों में स्क्रीनिंग का काम संतोषजनक बताया गया है। इनमें रायगढ़ में 61,573, रायपुर में 45,628, कोरबा में 40,227, बिलासपुर में 24,907 और बलौदा बाजार में 22,815 विद्यार्थियों की प्राथमिक स्क्रीनिंग की गई है। विभाग अब कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में भी इसी तरह तेजी लाने पर जोर दे रहा है। प्रशस्त ऐप अभियान (CWSN Screening Drive) के तहत बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
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