सीजी भास्कर, 18 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में पहली बार सरकारी कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के कई सरकारी महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम होने के कारण उन्हें दूसरे कॉलेजों में मर्ज करने पर विचार किया जा रहा है। उच्च शिक्षा संचालनालय ने इस संबंध में प्रदेश के कॉलेजों से पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड मांगा है। इसमें दाखिले, स्वीकृत सीटें, शिक्षकों के पद, रिक्तियां और सरकारी बजट से जुड़ी जानकारी शामिल है। यह प्रक्रिया (Chhattisgarh Government College Merger) की संभावनाओं का आकलन करने के लिए की जा रही है।
पांच साल के दाखिले और बजट का होगा आकलन
कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2025-26 तक का रिकॉर्ड देना होगा। बीए, बीकॉम, बीएससी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों और हर साल हुए दाखिलों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही छात्र संख्या में हुई वृद्धि या गिरावट का प्रतिशत भी बताना होगा। कॉलेजों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें शून्य छात्र संख्या, 1 से 100, 101 से 200 और 201 से 300 विद्यार्थियों वाले कॉलेज शामिल हैं। इसके अलावा आसपास के दूसरे महाविद्यालयों की दूरी और स्कूली स्तर पर उपलब्ध संभावित विद्यार्थियों की संख्या का भी आकलन किया जा रहा है। इन आंकड़ों के आधार पर (Chhattisgarh Government College Merger) से संबंधित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
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7 कॉलेजों में एक भी विद्यार्थी ने नहीं लिया प्रवेश
पिछले सत्र 2025-26 में प्रदेश के सात सरकारी कॉलेजों में शून्य एडमिशन दर्ज किया गया। इनमें नवीन शासकीय महाविद्यालय कुरुद, शासकीय महाविद्यालय नगरनार और किलेपाल, नवीन संगीत महाविद्यालय रायगढ़, नवीन शासकीय शारीरिक शिक्षा स्नातक महाविद्यालय रायगढ़, शासकीय महाविद्यालय फरसाबहार और शासकीय महाविद्यालय करडेगा शामिल हैं। वहीं, 23 सरकारी कॉलेज ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम रही। इनमें बस्तर, जटगा, कोरबा, सिरी कुरुद, बोरतरा, बेलतरा, रामाटोला, मनेन्द्रगढ़, अंबिकापुर, ठेलका, कुटरू, बासीन, आवापल्ली, दुर्ग, तोंगपाल, झलमला, छोटे डोंगर, घोटिया, सुकमा, नागपुर, केरा और ओड़गी के कॉलेज शामिल हैं। कम प्रवेश वाले इन संस्थानों की स्थिति को देखते हुए (Chhattisgarh Government College Merger) के तहत कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।
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प्रदेश में 343 सरकारी कॉलेज, कई में सुविधाओं की कमी
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में उच्च शिक्षा से संबद्ध 343 सरकारी महाविद्यालय हैं। वर्ष 2009-10 में इनकी संख्या 159 थी। पिछले पांच वर्षों में 64 नए सरकारी कॉलेज खोले गए हैं। हालांकि, इनमें से कई कॉलेजों के पास खुद का भवन नहीं है और कुछ चार-पांच कमरों में संचालित हो रहे हैं। कई संस्थानों में प्रयोगशाला और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी बताई गई है। उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के अनुसार, कॉलेजों में उपलब्ध सीटों, प्रवेश की स्थिति और बजट सहित जरूरी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इस जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। (Chhattisgarh Government College Merger) को लेकर अंतिम निर्णय उपलब्ध आंकड़ों और विभागीय आकलन के आधार पर लिया जाना है।
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