सीजी भास्कर, 1 सितंबर 2026 : जिले में कोयला उत्पादन और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी चार प्रमुख परियोजनाओं को संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 25, 26 एवं 28 के तहत यह आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सुरक्षा और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना है।
यह मामला रायगढ़ जिले का है। प्रशासन ने अडानी पावर लिमिटेड, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की तलाईपल्ली परियोजना, एसईसीएल छाल ओपनकास्ट माइंस और जिंदल पावर लिमिटेड की प्रमुख परियोजनाओं को संरक्षित-प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh High Court Chief Justice : जस्टिस कृष्ण राम महापात्र होंगे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस
अडानी पावर का छोटेभंडार परियोजना क्षेत्र संरक्षित
अडानी पावर लिमिटेड के ग्राम छोटेभंडार, बड़ेभंडार, अमलीभौना, सरवानी और अन्य संबंधित ग्रामों में स्थित संपूर्ण परियोजना क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) घोषित किया गया है। इसमें छोटेभंडार क्षेत्र स्थित ऊर्जा उत्पादन संयंत्र भी शामिल है। प्रशासनिक प्रतिवेदन में संयंत्र को राज्य की ऊर्जा जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए यहां सुरक्षा व्यवस्था जरूरी बताई गई थी।
यह भी पढ़ें : Doctor Absence Bilaspur : डाक्टरों की गैरहाजिरी पर कलेक्टर सख्त, जांच रिपोर्ट तलब
तलाईपल्ली कोल माइंस का पूरा परिसर दायरे में
एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की तलाईपल्ली कोल माइनिंग परियोजना के तहसील घरघोड़ा स्थित संपूर्ण परियोजना क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) घोषित किया गया है। इसमें खदान क्षेत्र, महत्वपूर्ण परिसर और पहुंच मार्ग शामिल हैं।
इसके दायरे में कोल हैंडलिंग प्लांट, कोल स्टॉक यार्ड, वार्फवाल नंबर 1, 2 और 3, ईस्ट पिट, वेस्ट पिट और सेंट्रल पिट सहित माइनिंग ऑपरेशन एरिया शामिल हैं।
इसके अलावा प्रशासनिक भवन, कोल लैब, रेलवे साइडिंग, मैगजीन परिसर, पिट ऑफिस, वे-ब्रिज, स्टेबलाइजेशन सेंटर, VTC एवं सेफ्टी पार्क, सब-स्टेशन, कांट्रेक्टर कैंप, एनटीपीसी कोसल विहार टाउनशिप, कंचनपुर और संबंधित पहुंच मार्ग भी इसके दायरे में हैं।
यह भी पढ़ें : Raigarh Minor Rape Case : इंस्टाग्राम दोस्ती के बाद नाबालिग को घर से ले गया युवक, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
SECL छाल के छह महत्वपूर्ण परिसर सुरक्षित
एसईसीएल छाल ओपनकास्ट माइंस की सीम-III परियोजना के छह महत्वपूर्ण परिसरों को भी संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) घोषित किया गया है। इनमें साइलो, रेलवे साइडिंग एवं मोबाइल क्रेशर, कोल स्टॉक एरिया, माइनिंग ऑपरेटिंग एरिया एवं वर्कशॉप शामिल हैं।
इसके अलावा कोल सैंपलिंग एरिया, सिक्योरिटी चेक पोस्ट, सब एरिया मैनेजर कार्यालय और सेंट्रल स्टॉक क्षेत्र भी संरक्षित दायरे में रहेंगे। इन परिसरों की सीमाएं संबंधित मार्गों, चौकों, नदी और आसपास की भूमि के आधार पर आदेश में निर्धारित की गई हैं।
जिंदल पावर की छह प्रमुख परियोजनाएं शामिल
जिंदल पावर लिमिटेड की छह प्रमुख परियोजनाओं और संबंधित परिसंपत्तियों को भी संरक्षित-प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इनमें गारे पेलमा IV/1, गारे पेलमा IV&283 और गारे पेलमा IV/6 कोयला खदानें शामिल हैं।
इसके अलावा 3400 मेगावाट तमनार पावर प्लांट एवं ऐश डाइक, कोल हैंडलिंग प्लांट एवं कोल वॉशरीज, क्रॉस कंट्री पाइप कन्वेयर (CCPC) एवं संबंधित कॉरिडोर भी इसके दायरे में हैं। डोंगामहुआ कैप्टिव पावर प्लांट, कोल स्टॉक यार्ड, मैगजीन, ANFO प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण ऑपरेशनल एवं सेफ्टी इंस्टॉलेशन भी संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) में शामिल किए गए हैं।
यह भी पढ़ें : Bastar Ganja Seizure : 56 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार; कीमत 28 लाख रुपए से ज्यादा
बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध
जारी आदेश के अनुसार संरक्षित क्षेत्रों में बिना सक्षम अनुमति प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। अधिकृत प्राधिकारी द्वारा जारी वैध पहचान पत्र या प्रवेश पत्र के आधार पर ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश की अनुमति होगी। प्रवेश पत्र में संबंधित क्षेत्र, प्रवेश का उद्देश्य, कार्य की प्रकृति और अनुमति की वैधता अवधि का स्पष्ट उल्लेख जरूरी होगा।
यह भी पढ़ें : Philips 5G Smartphone : Philips की भारत में 5G एंट्री, 64MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले के साथ आएगा नया फोन
सभा, धरना और प्रदर्शन के लिए भी अनुमति जरूरी
संरक्षित क्षेत्रों में जिला दंडाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना सभा, बैठक, धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस, चक्काजाम या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। इसी तरह निर्धारित अनुमति के बिना वायरलेस सेट, अनधिकृत कैमरा या रिकॉर्डिंग उपकरण, हथियार, विस्फोटक सामग्री, रासायनिक और ज्वलनशील पदार्थ लेकर प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा।
यह भी पढ़ें : Gausul Azam Committee : मोहम्मद अय्यूब पारेख को मिली गौसुल आजम कमेटी की कमान, नदीम मेमन महासचिव
उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
आदेश में अनधिकृत प्रवेश और गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रावधान किए गए हैं। निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संगठन के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 25, 26 एवं 28 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिले की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड लारा के संपूर्ण परियोजना क्षेत्र को भी पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 26 के तहत संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।
जिला प्रशासन के इस फैसले से कोयला उत्पादन, कोयला संप्रेषण और विद्युत उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के सुरक्षित एवं निर्बाध संचालन की व्यवस्था और मजबूत होगी। रायगढ़ में संरक्षित क्षेत्र (Protected Area Raigarh) घोषित किए जाने के बाद इन औद्योगिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है।
खबरें और भी हैं : CABG Surgery: बिहार की महिला की रायपुर में सफल बाईपास सर्जरी, 500 से ज्यादा शुगर के बाद बची जान




