सीजी भास्कर, 18 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आयोजन को लेकर शिक्षकों के बीच असमंजस बना हुआ है। कई दौर की वार्ता और आश्वासनों के बावजूद परीक्षा आयोजित करने के संबंध में आधिकारिक आदेश जारी नहीं होने से शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है। शिक्षक साझा मंच ने स्कूल शिक्षा विभाग से जल्द निर्णय लेने और परीक्षा के आयोजन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (Chhattisgarh Departmental TET) का मुद्दा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा होने के कारण लगातार चर्चा में है।
तीन दौर की वार्ता के बाद भी आदेश का इंतजार
शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय संयोजक और छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर के मुताबिक, विभागीय TET के मुद्दे पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ दो बार चर्चा हो चुकी है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी तीन दौर की वार्ता हुई है। इन बैठकों में विभागीय परीक्षा आयोजित करने को लेकर आश्वासन मिलने की बात कही गई थी।
राठौर के अनुसार, चर्चा के दौरान वर्ष में तीन बार विभागीय TET आयोजित करने का प्रस्ताव भी सामने आया था। हालांकि, अब तक परीक्षा के आयोजन को लेकर औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि केवल बैठकों और मौखिक आश्वासनों से शिक्षकों की चिंता दूर नहीं होगी। छत्तीसगढ़ विभागीय TET परीक्षा (Chhattisgarh Departmental TET) को लेकर आधिकारिक आदेश जारी होने से ही परीक्षा की प्रक्रिया और समय-सारणी के संबंध में स्पष्टता आ सकेगी।
सेवा सुरक्षा को लेकर शिक्षकों की चिंता
विभागीय TET का मुद्दा उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपनी नियुक्ति के समय लागू नियमों और वर्तमान शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधानों को लेकर चिंतित हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि मामले में स्पष्टता नहीं होने से शिक्षकों के बीच भविष्य और सेवा सुरक्षा को लेकर सवाल बने हुए हैं।
शिक्षक साझा मंच से जुड़े प्रदीप पाण्डेय ने भी सरकार और विभाग से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET संबंधी प्रावधानों से राहत देने की मांग पर जोर दिया। पाण्डेय का कहना है कि शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान केवल बैठकों और आश्वासनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संबंधित प्रावधानों और राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों पर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
आदेश जारी नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन
शिक्षक साझा मंच के संचालक विकास राजपूत ने कहा कि यदि स्कूल शिक्षा विभाग जल्द निर्णय नहीं लेता है, तो शिक्षकों के हितों को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंच सेवा सुरक्षा और वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति जैसे मुद्दों पर अपनी मांगें उठाता रहेगा।
राजपूत के मुताबिक, विभागीय TET के आयोजन को लेकर केवल घोषणा करना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा की पात्रता शर्तों, आवेदन प्रक्रिया, संभावित समय-सारणी और अन्य जरूरी प्रावधानों की जानकारी भी स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए, ताकि शिक्षक अपनी तैयारी कर सकें। विभागीय TET पर आंदोलन की चेतावनी (Chhattisgarh Departmental TET) के जरिए शिक्षक साझा मंच सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से समयबद्ध निर्णय लेने की मांग कर रहा है।
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सभी शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने की तैयारी
शिक्षक साझा मंच से जुड़े जाकेश साहू और लैलून भारद्वाज ने शिक्षकों से एकजुट होने की अपील की है। उनका कहना है कि सेवा सुरक्षा, विभागीय TET और पूर्व सेवा गणना जैसे मुद्दों पर प्रभावी ढंग से आवाज उठाने के लिए शिक्षक संगठनों के बीच एकता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर ठोस पहल नहीं होती है, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा सकता है। इसके लिए शिक्षक साझा मंच प्रदेश स्तर पर बैठक आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने और साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। मंच का मानना है कि एकजुट होकर मांग उठाने से शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को सरकार और विभाग के सामने प्रभावी ढंग से रखा जा सकेगा।
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सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से समयबद्ध निर्णय की मांग
शिक्षक साझा मंच के प्रतिनिधियों रविंद्र राठौर, विकास राजपूत, प्रदीप पाण्डेय, लैलून भारद्वाज, जाकेश साहू और चेतन बघेल ने विभागीय TET के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है। मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य से जुड़े विषय पर अनिश्चितता लंबे समय तक बनी नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से वार्ता के दौरान बनी सहमति पर स्थिति स्पष्ट करने और आगे की कार्ययोजना सामने रखने की मांग की है। फिलहाल विभागीय TET के आयोजन को लेकर आधिकारिक आदेश जारी होने का इंतजार है। अब देखना होगा कि स्कूल शिक्षा विभाग इस मांग पर कब तक निर्णय लेता है और शिक्षकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है। छत्तीसगढ़ शिक्षक TET आंदोलन (Chhattisgarh Departmental TET) को लेकर शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रणनीति आगे बढ़ाई जाएगी।



