सीजी भास्कर, कबीरधाम, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कोदो की फसल कटने के बाद खेतों में बची नरई चरने से करीब 40 गायों (Chhattisgarh Cattle Death) के बीमार होने का मामला सामने आया है। इनमें से तीन गायों की मौत की भी जानकारी मिली है। घटना के बाद पशुपालकों में चिंता और नाराजगी है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग पर समय पर उपचार उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।
यह भी पढ़ें : Cyclone Arnab : चक्रवात के असर से छत्तीसगढ़ में बदला मौसम, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में भारी बारिश
दो गांवों में बिगड़ी मवेशियों की हालत
मवेशियों के बीमार (Chhattisgarh Cattle Death) होने का मामला सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत के अंतर्गत सूरजपुरा जंगल और पिरचाटोला से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, कोदो की फसल कटने के बाद खेतों में बची नरई चरने के बाद कई गायों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद करीब 40 गायों के बीमार होने और तीन की मौत की खबर सामने आई।
यह भी पढ़ें : Congress Special Train Booking Denied : छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दिल्ली दौरे पर संकट, स्पेशल ट्रेन देने से रेलवे का इनकार
12 घंटे बाद भी इलाज नहीं मिलने का आरोप
पशुपालकों का आरोप है कि मवेशियों के बीमार (Chhattisgarh Cattle Death) होने की सूचना देने के करीब 12 घंटे बाद भी पशु चिकित्सा विभाग की ओर से समुचित उपचार की व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों के मुताबिक, मौके पर केवल दो गौ सेवकों को भेजा गया था और उनके पास जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध नहीं थीं। पशुपालकों ने समय पर इलाज नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बीमार मवेशियों को समय पर उपचार मिलता, तो स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती थी।
यह भी पढ़ें : Revenue Department Transfer Order : छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल, अधीक्षक से डाटा एंट्री ऑपरेटर तक के तबादले
मौत की वजह अब तक स्पष्ट नहीं
गायों की मौत (Chhattisgarh Cattle Death) का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। कोदो की नरई चरने और मवेशियों के बीमार पड़ने के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है। पशु चिकित्सा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीमार मवेशियों के उपचार और गायों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।



