सीजी भास्कर, बलौदाबाजार, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में चक्रवात के कारण बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों (Chhattisgarh Horticulture Advisory) की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बलौदाबाजार में उद्यानिकी विभाग ने किसानों के लिए कृषि सलाह जारी करते हुए खेतों में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करने और कमजोर पौधों को सहारा देने पर जोर दिया है। विभाग ने विशेष रूप से सब्जियों की नर्सरी, फलोद्यानों और निचले खेतों में सावधानी बरतने की अपील की है।
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खेतों में पानी न भरने दें
बारिश के दौरान खेतों, सब्जी नर्सरी और फलोद्यानों में जल निकासी (Water Drainage Management) की उचित व्यवस्था रखें। खेतों में पानी जमा होने से पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए निचले खेतों में विशेष सावधानी बरतें और सब्जियों की नर्सरी के साथ नए रोपित पौधों को जलभराव से बचाएं।
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कमजोर पौधों को दें सहारा
तेज हवाओं से टमाटर, मिर्च, बैंगन और अन्य कमजोर पौधों के गिरने या टूटने का खतरा रहता है। ऐसे पौधों को जरूरत के अनुसार सहारा दें। केला, पपीता और हाल ही में लगाए गए फलदार पौधों को भी तेज हवा से बचाने के लिए उचित सहारा देना जरूरी है।
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बारिश में छिड़काव से बचें
उद्यानिकी विभाग ने सलाह दी है कि बारिश के दौरान फसलों पर कीटनाशक या अन्य दवाओं का छिड़काव न करें। मौसम साफ होने और फसल की स्थिति का आकलन करने के बाद ही छिड़काव का निर्णय लें। बारिश के बाद फसलों में रोग, सड़न या कीटों के प्रकोप के लक्षण दिखाई देने पर स्थानीय उद्यानिकी अधिकारी अथवा कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें।
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बुवाई और रोपाई में सावधानी
प्याज, लहसुन और अन्य उद्यानिकी फसलों की बुवाई या रोपाई (Horticulture Crop Protection) करने से पहले मिट्टी में नमी और स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान का आकलन करें। जलभराव वाली जमीन में बुवाई और रोपाई करने से बचें, ताकि फसलों को नुकसान की आशंका कम की जा सके।
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नुकसान का करें निरीक्षण
तेज हवा और बारिश थमने के बाद फलदार पौधों, उनकी शाखाओं और अन्य फसलों का निरीक्षण करें। कहीं पौधे टूटे हों या फसल को नुकसान पहुंचा हो, तो उसकी स्थिति का आकलन करें। विभाग ने किसानों को मौसम की परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी है।
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