सीजी भास्कर, प्रतापपुर, 30 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के किसानों पर मौसम और वन्यजीवों की दोहरी मार पड़ी है। अर्नब चक्रवात (Arnab Cyclone Crop Damage) के असर से खेतों में खड़ी फसलें पहले ही पानी में डूबकर बर्बाद हो गईं। अब सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम कोरंधा में हाथियों के झुंड (Surajpur Elephant Attack) ने किसानों की बची-खुची फसल भी रौंद डाली। पिछले एक सप्ताह के भीतर 15 से 20 हाथियों के दल ने करीब 15 से 20 एकड़ से अधिक जमीन पर लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा टमाटर और शकरकंद की फसल भी हाथियों ने उजाड़ दी। दोहरी मार झेल रहे किसान अब प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

यह भी पढ़ें : Hero Destini 110 Classique Edition : 76,400 रुपये में लांच हुआ नया स्कूटर, रेट्रो लुक के साथ मिलेंगे ये खास फीचर्स
15-20 एकड़ फसल बर्बाद
प्रतापपुर तहसील के ग्राम कोरंधा में हाथियों के दल ने कई किसानों के खेतों में जमकर उत्पात मचाया। प्रभावित किसानों में सखीचंद, लोकनाथ, द्वारिका तिवारी, महेंद्र, बच्चालाल, यशवंत, शिवनाथ, कवलसाय और नोहर सिंह समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं। किसानों के मुताबिक, करीब 8 से 10 अन्य लोगों के खेतों में लगी 15 से 20 एकड़ से अधिक धान की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। वहीं नोहर सिंह के खेत में लगी शकरकंद की फसल को हाथियों ने खा लिया और काफी हिस्से को रौंदकर बर्बाद कर दिया।
यह भी पढ़ें : Raipur Flight Fare : रायपुर से दिल्ली और पुणे का हवाई सफर महंगा, बैंकॉक और सिंगापुर का टिकट सस्ता
रात में गांव पहुंच रहा झुंड
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 8 से 10 दिनों से 15 से 20 हाथियों का दल कोरंधा-सोनगरा जंगल से निकलकर खेतों और गांव की बस्तियों तक पहुंच रहा है। हाथियों का झुंड रात के समय गांव की ओर आता है और खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाकर वापस जंगल की तरफ चला जाता है। किसानों के अनुसार, हाथियों ने धान के साथ टमाटर और शकरकंद की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रही इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
यह भी पढ़ें : Mumbai Indians Coaching Staff : राबिन उथप्पा को मिली बड़ी जिम्मेदारी, पोलार्ड की टीम में मैक्लेनाघन समेत 4 दिग्गजों की एंट्री
पहले चक्रवात, फिर हाथियों का हमला
प्रभावित किसानों का कहना है कि इस साल धान की फसल अच्छी हुई थी। कटाई का समय भी नजदीक आ गया था, लेकिन पहले हाथियों के उत्पात और फिर अर्नब चक्रवात (Arnab Cyclone) के असर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों के मुताबिक, चक्रवात के कारण खेतों में पककर तैयार धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई। जो फसल बची थी, उसे हाथियों ने रौंद डाला। किसानों ने धान समेत अन्य फसलों की खेती के लिए कर्ज लिया था। अब उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से मिलने वाला मुआवजा (Crop Damage Compensation) वास्तविक नुकसान की तुलना में काफी कम होता है। ऐसे में उन्होंने नुकसान का सही आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
यह भी पढ़ें : India Tour of New Zealand 2026 : वनडे सीरीज से बाहर हुए प्रसिद्ध कृष्णा, टेस्ट से पहले बदला टीम का प्लान
रातभर जागकर कर रहे रखवाली
हाथियों के लगातार गांव की ओर आने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। किसान और दूसरे ग्रामीण रातभर जागकर खेतों और घरों की रखवाली करने को मजबूर हैं। हाथियों को भगाने के लिए लोग आग जलाते हैं और शोर मचाते हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में हाथी भगाओ दस्ता तैनात करने की मांग की है। इसके साथ ही टॉर्च और पटाखे उपलब्ध कराने तथा प्रभावित फसलों का आकलन कर मुआवजा दिलाने की अपील की है। किसानों का कहना है कि उन्हें एक ओर चक्रवात से हुए नुकसान की चिंता है तो दूसरी ओर हाथियों के दोबारा खेतों में पहुंचने का डर सता रहा है।
यह भी पढ़ें : Cyclone Arnab Crop Loss : चक्रवात ‘अर्नब’ से फसल नुकसान पर CM साय का बड़ा निर्देश, किसानों को जल्द मिलेगी सहायता राशि



