सीजी भास्कर, 29 सितंबर : रात होते ही जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हाथियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 16 किसानों की फसल का नुकसान (Elephant Crop Damage) होने से कई परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों के दल ने कई जगह धान की खड़ी फसल रौंद दी, जिसके बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और नुकसान के आकलन का काम तेज कर दिया है।
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मामला रायगढ़ जिले का है, जहां रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। धान की खड़ी फसल को नुकसान (Elephant Crop Damage) पहुंचने के बाद वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन कर रही हैं।
इन गांवों में फसल बर्बाद
रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज के सामारूमा गांव में हाथियों ने पांच किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं घरघोड़ा रेंज के कमतरा में एक किसान की धान की फसल बर्बाद हुई। धरमजयगढ़ वन मंडल के नलकालो क्षेत्र में कुसुम और श्रवण कुमार की फसल प्रभावित हुई। प्रेमनगर और मेढरमार में विजय राय, चैतराम, रत्थूलाल और दिलीप की धान की फसल हाथियों ने रौंद दी। किसानों की फसल रौंद रहे हाथी (Elephant Crop Damage) के चलते वनांचल क्षेत्रों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है।
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लैलूंगा तक पहुंचा दल
लैलूंगा और गमेकेला क्षेत्र में भी हाथियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया। यहां प्रशांत भगत, खेमचंद, मूसतराम और लालोनी शर्मा की फसल प्रभावित हुई है। वन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। हाथियों से फसल नुकसान का आकलन (Elephant Crop Damage) पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गांवों में कराई मुनादी
हाथियों की लगातार गतिविधि को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित गांवों में मुनादी कराई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। लोगों से अकेले जंगल की ओर नहीं जाने तथा शाम और रात के समय हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। विभाग का उद्देश्य मानव-हाथी टकराव की स्थिति रोकना और संभावित जनहानि से बचाव करना है।
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130 हाथियों का डेरा
वन विभाग के अनुसार रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में फिलहाल करीब 130 हाथी मौजूद हैं। इनमें 39 नर, 62 मादा और 29 शावक शामिल हैं। 130 हाथियों की मौजूदगी से बढ़ी चिंता (Elephant Crop Damage) के बीच वन विभाग लगातार इनके मूवमेंट पर नजर रख रहा है। हाथी मित्र दल और ट्रेकर प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। हाथियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाकर ग्रामीणों को समय रहते सतर्क किया जा रहा है।
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रात में जंगल से रहें दूर
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जंगल या खेत की ओर अकेले न जाएं और हाथियों को देखकर उनके करीब जाने या उन्हें खदेड़ने की कोशिश न करें। हाथियों से फसल नुकसान का खतरा (Elephant Crop Damage) देखते हुए ग्रामीणों को मुनादी और अन्य माध्यमों से लगातार अलर्ट किया जा रहा है। विभाग की निगरानी टीमों का फोकस हाथियों और ग्रामीणों के बीच टकराव रोकने पर है।
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