सीजी भास्कर, दुर्ग 1 नवंबर। दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र के महका कला, चुनकट्टा और मुड़पार गांवों में संचालित पत्थर खदानों (Durg Stone Quarry Blasting) से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग से भूकंप जैसे झटके महसूस होते हैं। विस्फोट के बाद करीब 15 मिनट तक घरों में कंपन बना रहता है। इससे कच्चे और पक्के मकानों की दीवारों में दरारें पड़ रही हैं। वहीं, खदानों से उड़ने वाली धूल के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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धूल और कंपन से परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, खदानों से निकलने वाली धूल (Durg Stone Quarry Blasting) पेड़-पौधों और खेतों में खड़ी फसलों पर जम रही है। लोगों का कहना है कि धूल के कारण दमा जैसी बीमारियों की शिकायत बढ़ रही है। भूजल स्तर घटने की समस्या भी सामने आई है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों के लिए घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है।
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चुनकट्टा में पत्थर गिरने का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि चुनकट्टा गांव चारों ओर से पत्थर खदानों से घिरा हुआ है। ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर उछलकर आबादी तक पहुंचते हैं। कई बार घरों पर लगे टीन शेड भी टूट चुके हैं। विस्फोट से पहले खदानों के कर्मचारी सीटी बजाकर लोगों को घरों के भीतर रहने की चेतावनी देते हैं। कई बार रास्ते भी बंद कर दिए जाते हैं।
महका कला के ग्रामीण शिव ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान उछलकर आया पत्थर संतोष के पैर पर गिर गया था, जिससे उसका पैर टूट गया। इसी तरह गांव की कुलेश्वरी के सिर पर पत्थर गिरने से वह घायल हो गई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों से उड़ने वाली धूल फसलों और पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा रही है।
मकानों में दरारें, सड़कें जर्जर
चुनकट्टा के ग्रामीण सुनीत के अनुसार, लगातार ब्लास्टिंग से घरों में रखा सामान गिर जाता है और छतों को भी नुकसान पहुंचता है। ग्रामीण रामबिलास ने बताया कि दो साल पहले बनवाए गए उनके पक्के मकान की बाहरी दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। कच्चे मकानों की स्थिति और खराब है। धूल से बचने के लिए लोग घरों के बाहर ग्रीन नेट और प्लास्टिक की चादर लगाने को मजबूर हैं।
वहीं, पत्थर और गिट्टी के परिवहन में लगे भारी ट्रकों की आवाजाही से गांव की सड़कें जर्जर हो रही हैं। वाहनों के गुजरने से उड़ने वाली धूल भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदानों का विरोध करने पर कर्मचारियों की ओर से धमकियां दी जाती हैं। इस वजह से कई लोग खुलकर शिकायत करने से बचते हैं।
कलेक्टर ने जांच का दिया भरोसा
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि महका कला, चुनकट्टा और मुड़पार गांवों में ब्लास्टिंग से नुकसान की शिकायत मिली है। खनिज और पर्यावरण विभाग से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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