सीजी भास्कर , 02 नवंबर। जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना ब्याज वसूलने और ब्लैंक चेक व कोरे स्टाम्प पेपर के दम पर परिवारों को धमकाने वाले गिरोह की मुख्य सरगना (Illegal Money Lending) को पुलिस ने दबोच लिया है। वैशाली नगर पुलिस ने फरार चल रही मुख्य आरोपी सीमा यादव (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में संलिप्त तीन अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

50 हजार रुपये के कर्ज पर लगाया भारी ब्याज Illegal Money Lending
वैशाली नगर थाना प्रभारी ने बताया कि पूनम मनोज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आर्थिक तंगी के चलते उसने दिसंबर 2024 में परिचित सीमा यादव से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में सीमा और उसकी साथी बबली साहू ने 40 प्रतिशत प्रतिमाह की भारी दर से ब्याज थोप दिया। सुरक्षा के नाम पर पीड़िता से इंडियन बैंक के 8 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर भी रखवा लिए गए। पीड़िता ने प्रति सप्ताह 2,500 रुपये की दर से 29 हफ्तों में 72 हजार 500 रुपये ब्याज चुका दिया, फिर भी आरोपियों का लालच खत्म नहीं हुआ। वे और रकम की मांग करते हुए पीड़िता, उसकी बेटी और परिवार को जान से मारने तथा घर से बेदखल करने की धमकियां देने लगे।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता की सहेली सुमिता ताम्बोली को भी 1 लाख रुपये उधार देकर इसी तरह के जाल में फंसाया। उससे 8 ब्लैंक चेक लेकर 28 हफ्तों में 1 लाख 40 हजार रुपये ब्याज वसूल लिया गया और बाद में गाली-गलौज कर धमकाया जाने लगा।
दूसरी महिला को भी बनाया कर्ज के जाल का शिकार
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और कर्ज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पूर्व में दबिश देकर आरोपी बबली साहू उर्फ बबली निरंजन, ज्योति निरंजन और प्रमोद साहू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं, फरार मुख्य आरोपी सीमा यादव को भी पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से कुल 3 लाख 79 हजार 900 रुपये कैश, विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक, कोरे स्टाम्प पेपर और अवैध ब्याज के लेन-देन का कच्चा चिट्ठा दर्ज डायरियां बरामद की हैं।


