सीजी भास्कर, रायपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जनगणना के द्वितीय चरण में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों (Census Duty Employee Transfer Ban) पर अगले छह महीने या जनगणना का काम पूरा होने तक रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह व्यवस्था लगभग मार्च 2027 तक लागू रह सकती है।
मार्च तक तबादलों पर रोक
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, जनगणना 2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के काम में लगे और प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अधिकारियों-कर्मचारियों का स्थानांतरण आगामी छह माह अथवा जनगणना का काम पूरा होने तक, जो भी पहले हो, यथासंभव नहीं किया जाएगा। जनगणना का मैदानी कार्य जनवरी-फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। ऐसे में सरकार चाहती है कि इस महत्वपूर्ण काम में लगे प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पर बने रहें। (Census Duty Employee Transfer Ban) का उद्देश्य जनगणना की प्रक्रिया में प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को रोकना है।
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जनगणना निदेशक ने लिखा पत्र
जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़, रायपुर के निदेशक ने इस संबंध में शासन के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था। इसमें बताया गया कि जनगणना का दूसरा चरण तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है। इसे निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना है।
पत्र के मुताबिक, जनगणना के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अमले का तबादला होने से प्रशासनिक और तकनीकी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। इससे जनगणना के काम की गुणवत्ता और समय-सीमा प्रभावित होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनगणना कार्य में लगाए गए प्रशिक्षित अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण यथासंभव नहीं करने का अनुरोध किया गया था।
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कब किसे मिलेगा प्रशिक्षण
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के लिए राज्य में प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसकी समय-सारणी इस प्रकार है:
| प्रशिक्षण का स्तर | निर्धारित समय |
|---|---|
| जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर के प्रभारी अधिकारी | 12 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू |
| मास्टर ट्रेनर्स | नवंबर 2026 |
| फील्ड ट्रेनर्स | 1 दिसंबर 2026 से |
| गणक और पर्यवेक्षक | 16 दिसंबर 2026 से |
प्रशिक्षण के बाद यही अमला जनगणना के मैदानी कार्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसलिए (Census Duty Employee Transfer Ban) के तहत प्रशिक्षित कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी पर बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
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किन कर्मचारियों पर लागू होगी व्यवस्था
तबादले पर रोक की व्यवस्था जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जिम्मेदारी संभाल रहे प्रशिक्षित मैदानी अमले पर केंद्रित है। इसमें शामिल हैं:
- जिला जनगणना अधिकारी।
- अनुविभागीय स्तर के प्रभारी अधिकारी।
- तहसील स्तर के प्रभारी अधिकारी।
- मास्टर ट्रेनर्स।
- फील्ड ट्रेनर्स।
- जनगणना के गणक।
- पर्यवेक्षक।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक अपनी निर्धारित जिम्मेदारियां निभानी होंगी।
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छह महीने या काम पूरा होने तक
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, (Census Duty Employee Transfer Ban) अगले छह महीने अथवा जनगणना का काम पूरा होने तक लागू रहेगा। दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, उसी के आधार पर व्यवस्था प्रभावी रहेगी। अनुमान के मुताबिक, यह अवधि मार्च 2027 तक हो सकती है। इस फैसले से जनगणना के काम में लगे प्रशिक्षित अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। अब जनगणना से जुड़े विभागों को तय समय-सारणी के अनुसार प्रशिक्षण और मैदानी तैयारियां पूरी करनी होंगी।
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